देश में गो-हत्या के लिए बने कानून, रक्षक अपनाये अहिंसा का रास्ता: भागवत

नई दिल्ली। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर गो-हत्या पर बयान देकर अपनी मानसिकता जाहिर की है। दरअसल एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे भागवत ने कहा कि गो-हत्या के खिलाफ देशभर में एक कानून बनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने निगरानी समूहों से पशुओं की रक्षा करते समय कानून का पालन करने की सलाह दे डाली।




भागवत ने कहा है कि हम देशभर में गो-हत्या पर रोक लगाने वाला कानून चाहते हैं साथ ही गो-रक्षकों का भी दायित्व बनाता है कि निगरानी करते समय कानून को अपने हाथ में न ले और इसकी मर्यादा बनाए रखे।



Desh Mei Cow Hatya Par Bane Ek Kanoon Mohan Bhagawat Statement :

इसी दौरान आरएसएस प्रमुख ने गोरक्षकों को नसीहत देते हुए कहा है कि गाय की रक्षा करने के दौरान हिंसा गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसा से गाय को बचाने के अभियान को झटका लगता है। भागवत ने कहा कि देश में गोहत्या पर पाबंदी हो ये वो भी चाहते हैं लेकिन हिंसा से इस तरह के प्रयास कमजोर पड़ जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गोरक्षा के दौरान अहिंसा का रास्ता अपनाना चाहिए।




गौरतलब है कि अभी राजस्थान के अलवर की एक घाटना प्रकाश में आई है जिसकी देश भर में निंदा भी हो रही है इसी के मद्देनजर भागवत का यह बयान आया है। बता दें कि हाल ही में अलवर में पहलू खान नाम के एक शख्स की स्वंयभू गोरक्षकों के एक समूह ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। 50 साल के पहलू खान की मौत यहां के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई थी।

नई दिल्ली। आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने एक बार फिर गो-हत्या पर बयान देकर अपनी मानसिकता जाहिर की है। दरअसल एक कार्यक्रम में शिरकत करने पहुंचे भागवत ने कहा कि गो-हत्या के खिलाफ देशभर में एक कानून बनाना चाहिए। साथ ही उन्होंने निगरानी समूहों से पशुओं की रक्षा करते समय कानून का पालन करने की सलाह दे डाली। भागवत ने कहा है कि हम देशभर में गो-हत्या पर रोक लगाने वाला कानून चाहते हैं साथ ही गो-रक्षकों का भी दायित्व बनाता है कि निगरानी करते समय कानून को अपने हाथ में न ले और इसकी मर्यादा बनाए रखे। इसी दौरान आरएसएस प्रमुख ने गोरक्षकों को नसीहत देते हुए कहा है कि गाय की रक्षा करने के दौरान हिंसा गलत है। उन्होंने कहा कि इस तरह की हिंसा से गाय को बचाने के अभियान को झटका लगता है। भागवत ने कहा कि देश में गोहत्या पर पाबंदी हो ये वो भी चाहते हैं लेकिन हिंसा से इस तरह के प्रयास कमजोर पड़ जाते हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गोरक्षा के दौरान अहिंसा का रास्ता अपनाना चाहिए। गौरतलब है कि अभी राजस्थान के अलवर की एक घाटना प्रकाश में आई है जिसकी देश भर में निंदा भी हो रही है इसी के मद्देनजर भागवत का यह बयान आया है। बता दें कि हाल ही में अलवर में पहलू खान नाम के एक शख्स की स्वंयभू गोरक्षकों के एक समूह ने पीट-पीटकर हत्या कर दी थी। 50 साल के पहलू खान की मौत यहां के एक अस्पताल में इलाज के दौरान हो गई थी।