जौनपुर: गांव जिंदा पहुंचने की इच्छा रह गई अधूरी, स्पेशल ट्रेन में 2 श्रमिकों के मिले शव

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नई दिल्ली: श्रमिकों को वापस उनके राज्य पहुंचाए जाने की कवायद तेज हैं, लेकिन ऐसे में ट्रेनों में मजदूरों के शव मिलने लग जाए तो इससे अधिक असहनीय बात क्या हो सकती है। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल से वाराणसी के मंडुवाडीह स्टेशन पर पहुंची ट्रेन का मंजर देख सफाईकर्मियों की चीखें निकल गईं। ट्रेन के अलग-अलग कोच में 2 श्रमिकों शव पड़े मिले। जिसके बाद पूरे रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया।

Desire To Reach Village Alive Remains Incomplete Dead Bodies Of 2 Workers Found In Special Train :

दरअसल, सोमवार को श्रमिक स्पेशल ट्रेन-01770 मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 1039 यात्रियों को लेकर चली थी, जो बुधवार की सुबह 8 बजे वाराणसी के मंडुवाडीह स्टेशन पर पहुंची थी। वहीं इस दौरान जब ट्रेन की बोगियों की सफाई के सफाईकर्मी अलग-अलग कोच में दाखिल हुए तो उन्हें 2 श्रमिकों के शव बरामद हुए। शवों की शिनाख्त करने पर एक मृतक की पहचान दशरथ प्रजापति(20) के रूप में हुई है, जो दिव्यांग है। युवक 9 लोगों के साथ मुंबई से चला था और इसे जौनपुर जाना था।

‘उतरने के लिए जगाया तो जगा नहीं श्रमिक’
इनके साथ वालों का कहना है इलाहाबाद से जब ट्रेन चली तभी इसकी तबीयत खराब हो गई थी। लोगों ने सोचा कि यह सो रहे हैं। लेकिन जब हम मंडुवाडीह में पहुंचे और उतरने के लिए जगाया तो वह जगा नहीं। वहीं दूसरे की उम्र 50 वर्ष बताई जा रही है। हालांकि दूसरे शव की पहचान नहीं हो पाई है।

ऐसे में 2 श्रमिकों की मौत की सूचना मिलते ही पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मंडुवाडीह स्टेशन पर विभागीय अधिकारी पहुंच गए। काफी देर के बाद रेलकर्मियों ने पीपीई किट पहनकर दोनों के शव निकाले और पोस्टमार्टन के लिए भेजा। श्रमिकों के मौत की खबर सुनकर कई स्टेशन पर काफी देर तक अफर-तफरी जैसी माहौल बना रहा।

नई दिल्ली: श्रमिकों को वापस उनके राज्य पहुंचाए जाने की कवायद तेज हैं, लेकिन ऐसे में ट्रेनों में मजदूरों के शव मिलने लग जाए तो इससे अधिक असहनीय बात क्या हो सकती है। मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल से वाराणसी के मंडुवाडीह स्टेशन पर पहुंची ट्रेन का मंजर देख सफाईकर्मियों की चीखें निकल गईं। ट्रेन के अलग-अलग कोच में 2 श्रमिकों शव पड़े मिले। जिसके बाद पूरे रेलवे स्टेशन पर हड़कंप मच गया। दरअसल, सोमवार को श्रमिक स्पेशल ट्रेन-01770 मुंबई के लोकमान्य तिलक टर्मिनल से 1039 यात्रियों को लेकर चली थी, जो बुधवार की सुबह 8 बजे वाराणसी के मंडुवाडीह स्टेशन पर पहुंची थी। वहीं इस दौरान जब ट्रेन की बोगियों की सफाई के सफाईकर्मी अलग-अलग कोच में दाखिल हुए तो उन्हें 2 श्रमिकों के शव बरामद हुए। शवों की शिनाख्त करने पर एक मृतक की पहचान दशरथ प्रजापति(20) के रूप में हुई है, जो दिव्यांग है। युवक 9 लोगों के साथ मुंबई से चला था और इसे जौनपुर जाना था। ‘उतरने के लिए जगाया तो जगा नहीं श्रमिक’ इनके साथ वालों का कहना है इलाहाबाद से जब ट्रेन चली तभी इसकी तबीयत खराब हो गई थी। लोगों ने सोचा कि यह सो रहे हैं। लेकिन जब हम मंडुवाडीह में पहुंचे और उतरने के लिए जगाया तो वह जगा नहीं। वहीं दूसरे की उम्र 50 वर्ष बताई जा रही है। हालांकि दूसरे शव की पहचान नहीं हो पाई है। ऐसे में 2 श्रमिकों की मौत की सूचना मिलते ही पूर्वोत्तर रेलवे वाराणसी मंडल के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। मंडुवाडीह स्टेशन पर विभागीय अधिकारी पहुंच गए। काफी देर के बाद रेलकर्मियों ने पीपीई किट पहनकर दोनों के शव निकाले और पोस्टमार्टन के लिए भेजा। श्रमिकों के मौत की खबर सुनकर कई स्टेशन पर काफी देर तक अफर-तफरी जैसी माहौल बना रहा।