कांग्रेस के ​बहिष्कार के बावजूद GST विशेष सत्र में शामिल होंगे विपक्षी दल

नई दिल्ली। 30 जून 2017 की रात 12 बजे से देश जीएसटी लागू हो जाएगा। इस अवसर पर केन्द्र सरकार ने रात 11.10 बजे से संसद के सेन्ट्रल हॉल में एक विशेष सत्र बुलाया है। सत्र की शुरूआत राष्ट्रपति प्रणव मुखर्जी के अभिभाषण के साथ होगी, जबकि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जीएसटी का उद्घाटन करेंगे। केन्द्र द्वारा संसद के इस विशेष सत्र को टैक्स आजादी के समारोह का नाम दिया गया है। इसी बात को लेकर मुख्य विपक्षी दल ने बहिष्कार किया है। कांग्रेस को उम्मीद थी कि उसके साथ खड़े तमाम विपक्षी दल भी जीएसटी सत्र का बहिष्कार करेंगे लेकिन ऐसा होता नजर नहीं आ रहा।

मिली जानकारी के मुताबिक जदयू, एनसीपी और समाजवादी पार्टी ने जीएसटी विशेष सत्र में जाने का फैसला किया है। प्रारंभ से ही जीएसटी को समर्थन कर रही जदयू की ओर से बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार के इस सत्र में शामिल होने की खबरें आ रहीं थी लेकिन उनकी ओर से बिहार सरकार का कोई मंत्री इस समारोह का हिस्सा बनेगा। वहीं एनसीपी की ओर से प्रफुल्ल पटेल ने पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा कि उनकी पार्टी जीएसटी को लागू करने के तरीके ​के खिलाफ है न कि जीएसटी के इसलिए उनकी पार्टी विशेष सत्र में शामिल होगी। वहीं समाजवादी पार्टी की ओर से राज्यसभा सांसद नरेश अग्रवाल ने भी विशेष सत्र का हिस्सा बनने की बात कही है।

इन तीनों दलों के जीएसटी सत्र में शामिल होने के फैसले से विपक्ष का नेतृत्व करने का दम भरने वाली कांग्रेस की स्थिति कमजोर होती नजर आ रही है। ऐसा कहा जा रहा है कि कांग्रेस की ओर से किए गए ​बहिष्कार को लेकर पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने विरोध किया था। दोनों ही नेता इस समारोह में शामिल होना चाहते थे लेकिन पार्टी हाईकमान के फैसले के बाद उन्हें अपना फैसला बदलना पड़ा।

अपको बता दें कि शुक्रवार रात को बुलाए गए जीएसटी विशेष सत्र में सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ—साथ देश के बड़े उद्योगपतियों कुछ फिल्मी हस्तियों और तमाम सांसदों के शामिल होने उम्मीद जताई जा रही है। ​प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने इस समारोह का बहिष्कार करने वाले राजनीतिक दलों से अपने फैसले पर दोबारा सोचने और समारोह में शामिल होने की अपील की थी।