योगी के कड़े निर्देशों बावजूद 70 आईएएस अफसरों ने नहीं दिया संपत्ति का ब्योरा

लखनऊ: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ के कड़े निर्देशों और कई बार याद दिलाने के बावजूद करीब 70 आईएएस अफसरों ने अपनी चल व अचल संपत्ति का पूरा ब्यौरा नहीं सौंपा है। सूत्रों के मुताबिक, सीएम योगी अपनी सरकार को घोटालों से बचाने और साफ छवि पेश करने के लिए भ्रष्ट अफसरों का पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने 20 मार्च को सभी नौकरशाहों से 15 दिन के भीतर विस्तार से संपत्ति का ब्यौरा जमा करने को कहा था। निर्देश दिए डेढ़ महीने से ज्यादा हो गया है और 50 आईएएस ऑफिसर्स ने अभी तक चल संपत्ति का ब्यौरा नहीं दिया, वहीं 20 अफसर ऐसे हैं जिनकी अचल संपत्ति की डीटेल सामने नहीं आई है।




बुधवार को इसी सिलसिले में बैठक होनी थी लेकिन, यह गुरूवार के लिए स्थगित कर दी गई। नियुक्ति और कार्मिक विभाग के अधिकारियों का कहना है कि ज्यादातर ब्योरा बाहर तैनात आइएएस अफसरों का ही मिला है। केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर तैनात अफसरों का ब्योरा धीरे-धीरे आ रहा है। 21 अप्रैल तक 140 अफसरों का चल संपत्ति का ब्योरा नहीं मिला था। दबाव के बाद 25 अप्रैल तक सिर्फ 20 अफसर अपना ब्योरा दे सकें थे। अब संकेत मिल रहे है कि बार- बार निर्देश के बावजूद ब्योरा न देने वाले अफसरों को इसका खमियाजा भुगतना पड सकता है।

अधिकारियों की ओर से अपनी संपत्ति की जानकारी सार्वजानिक नहीं किए जाने पर मुख्य सचिव सचिव राहुल भटनागर ने 20 अप्रैल को दोबारा एक परिपत्र जारी करते हुए चल संपत्ति का विवरण न उपलब्ध कराने पर नाराजगी जताई थी। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से पहले अपने शपथ ग्रहण के तुरंत बाद सभी मंत्रियों से भी अपनी चल-अचल संपत्ति की जानकारी सार्वजनिक करने को कहा था। मंत्रियों ने भी अपनी संपत्ति का ब्यौरा देने में खासा समय लगाया था।




गौरतलब है कि इससे पहले अधिकारी हर साल अचल संपत्ति का ब्यौरा देते थे लेकिन चल संपत्ति का ब्यौरा पहली बार जमा किया जाना है। नियुक्ति विभाग से मिली जानकारी के अनुसार जिन अधिकारियों ने विवरण नहीं दिया है उनके खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। जानकारी के अनुसार अब तक जिन अधिकारियों ने विवरण नहीं दिया है उनकी वार्षिक प्रविष्टि रोकी जा सकती है।