सरकार के वादों के बावजूद 22 वर्षों में नहीं बन पाया रोडवेज बस अड्डा

sant kabirnagar
सरकार के वादों के बावजूद 22 वर्षों में नहीं बन पाया रोडवेज बस अड्डा

लखनऊ। यूपी के संत कबीर नगर जिले में मायावती की सरकार ने 1997 में खलीलाबाद को संत कबीर नगर जिले के नाम से जिले की घोषणा की। लेकिन तब से अब तक यानी 22 साल बीत जाने के बाद भी संत कबीर नगर जिले को एक अदद रोडवेज बस अड्डा नहीं बन पाया। स्थानीय लोगों की मानें तो तमाम सरकारें आई और विकास के तमाम दावे की है। लेकिन एक अदद रोडवेज बस अड्डा नहीं बना पाए वही आने जाने वाले लोगों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।

Despite The Promises Of The Government The Roadways Bus Station Could Not Be Built In 22 Years :

गौरतलब बात यह है कि यहां आस-पास लगने वाले प्राइवेट बस डग्गामार वाहन करोड़ों रुपए का चूना हर महीने परिवहन विभाग को लगा रहे। लेकिन संबंधित विभाग इस मामले को नजरअंदाज करते हुए पिछले 22 साल से अब तक चली आ रही हैं। जनता की सुख सुविधा के लिए बनाई गई है सरकार जनता के वादों पर खरी उतरेगी तो आने वाला वक्त बताएगा 22 साल में तो एक बच्चा भी मालिक हो जाता है। लेकिन संत कबीर नगर जिला आज ही बालिग नहीं हो पाया।

यह उदासी सरकारें कब तक विकास का दावा करती रहेगी और हकीकत से मुंह मोड़ के नजर आएंगे स्थानीय लोगों की मानें तो पिछले 22 साल में विकास के तमाम कार्यों की दवा उत्तर प्रदेश सरकार करती चली आ रही है। लेकिन यह संत कबीर नगर मुुुुख्य़लय मे प्राइवेट बस अड्डा धीरे धीरे गुंडागर्दी का अड्डा बनता जा रहा जहां मनमाने तरीके से सवारियों को बैठाना औऱ अपने तरीके से किराया वसूलना और बिना परमिशन यहां गाड़ी लगाना तमाम चीजें शामिल है जो परिवहन विभाग को हर महीनेे करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है।

लखनऊ। यूपी के संत कबीर नगर जिले में मायावती की सरकार ने 1997 में खलीलाबाद को संत कबीर नगर जिले के नाम से जिले की घोषणा की। लेकिन तब से अब तक यानी 22 साल बीत जाने के बाद भी संत कबीर नगर जिले को एक अदद रोडवेज बस अड्डा नहीं बन पाया। स्थानीय लोगों की मानें तो तमाम सरकारें आई और विकास के तमाम दावे की है। लेकिन एक अदद रोडवेज बस अड्डा नहीं बना पाए वही आने जाने वाले लोगों के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। गौरतलब बात यह है कि यहां आस-पास लगने वाले प्राइवेट बस डग्गामार वाहन करोड़ों रुपए का चूना हर महीने परिवहन विभाग को लगा रहे। लेकिन संबंधित विभाग इस मामले को नजरअंदाज करते हुए पिछले 22 साल से अब तक चली आ रही हैं। जनता की सुख सुविधा के लिए बनाई गई है सरकार जनता के वादों पर खरी उतरेगी तो आने वाला वक्त बताएगा 22 साल में तो एक बच्चा भी मालिक हो जाता है। लेकिन संत कबीर नगर जिला आज ही बालिग नहीं हो पाया। यह उदासी सरकारें कब तक विकास का दावा करती रहेगी और हकीकत से मुंह मोड़ के नजर आएंगे स्थानीय लोगों की मानें तो पिछले 22 साल में विकास के तमाम कार्यों की दवा उत्तर प्रदेश सरकार करती चली आ रही है। लेकिन यह संत कबीर नगर मुुुुख्य़लय मे प्राइवेट बस अड्डा धीरे धीरे गुंडागर्दी का अड्डा बनता जा रहा जहां मनमाने तरीके से सवारियों को बैठाना औऱ अपने तरीके से किराया वसूलना और बिना परमिशन यहां गाड़ी लगाना तमाम चीजें शामिल है जो परिवहन विभाग को हर महीनेे करोड़ों रुपए का चूना लगाया जा रहा है।