उम्रकैद की सजा मिलने के बाद भक्तों ने हजम किए आशाराम के सौ करोड़

जयपुर। नाबालिग से रेप के मामले में करीब पांच साल से जेल में बंद आशाराम को जैसे ही कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई वैसे ही उसकी रकम हड़पने की होड़ लग गई। बताया जाता है कि आशाराम के जेल जाने के बाद उसके सामने कभी सिर न उठाने वाले भक्तों ने चंदे में मिले आशाराम के करीब सौ करोड़ रूपए डकार गए।

Devotees Of Asharam Did Fraud Of 100 Crores :

बता दें कि जिस समय आसाराम जेल गया, तब चारों तरफ से भरपूर दान मिल रहा था। उस वक्त करीब 100 करोड़ रुपए का चंदा जमा था, जिसका हिसाब-किताब होना था। आसाराम के एक खास भक्त ने बताया कि उनके जेल जाने के बाद उनकी पहुंच के चलते सबकों उनके जल्द ही जेल से बाहर आने के आसार थे,जिसके चलते कोई हलचल नही हुई, लेकिन जैसे ही उनके जेल से बाहर आने की संभावना खत्म होने लगी तो भक्तों में रकम को लेकर हलचल शुरु हो गई। आखिरकार पूरे 100 करोड़ रुपए कुछ लोग डकार गए।

बता दें कि आसाराम को उम्रकैद की सजा मिलने के बाद अब मैनावती मार्ग स्थित आश्रम पर भी कुछ लोगों ने नजरें गड़ा दी हैं। ये आश्रम करीब चार बीघे जमीन पर बना हैं, जिसकी कीमत बीस करोड़ रूपए के आसपास है। इस आश्रम की जमीन आसाराम के ट्रस्ट के नाम है और ये ट्रस्ट आगरा के पते पर पंजीकृत है। अब आशाराम हमेशा के लिए सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं, इसलिए उनकी इस सम्पत्ति को लेकर भी हलचल शुरु हो गई है।

जयपुर। नाबालिग से रेप के मामले में करीब पांच साल से जेल में बंद आशाराम को जैसे ही कोर्ट ने उम्रकैद की सजा सुनाई वैसे ही उसकी रकम हड़पने की होड़ लग गई। बताया जाता है कि आशाराम के जेल जाने के बाद उसके सामने कभी सिर न उठाने वाले भक्तों ने चंदे में मिले आशाराम के करीब सौ करोड़ रूपए डकार गए। बता दें कि जिस समय आसाराम जेल गया, तब चारों तरफ से भरपूर दान मिल रहा था। उस वक्त करीब 100 करोड़ रुपए का चंदा जमा था, जिसका हिसाब-किताब होना था। आसाराम के एक खास भक्त ने बताया कि उनके जेल जाने के बाद उनकी पहुंच के चलते सबकों उनके जल्द ही जेल से बाहर आने के आसार थे,जिसके चलते कोई हलचल नही हुई, लेकिन जैसे ही उनके जेल से बाहर आने की संभावना खत्म होने लगी तो भक्तों में रकम को लेकर हलचल शुरु हो गई। आखिरकार पूरे 100 करोड़ रुपए कुछ लोग डकार गए। बता दें कि आसाराम को उम्रकैद की सजा मिलने के बाद अब मैनावती मार्ग स्थित आश्रम पर भी कुछ लोगों ने नजरें गड़ा दी हैं। ये आश्रम करीब चार बीघे जमीन पर बना हैं, जिसकी कीमत बीस करोड़ रूपए के आसपास है। इस आश्रम की जमीन आसाराम के ट्रस्ट के नाम है और ये ट्रस्ट आगरा के पते पर पंजीकृत है। अब आशाराम हमेशा के लिए सलाखों के पीछे पहुंच गए हैं, इसलिए उनकी इस सम्पत्ति को लेकर भी हलचल शुरु हो गई है।