Devshayani Ekadashi 2019: कल है देवशयनी एकादशी, भूल से भी न करें ये काम

Devshayani Ekadashi 2019: कल है देवशयनी एकादशी, इन बातों का रखें ध्यान
Devshayani Ekadashi 2019: आज है देवशयनी एकादशी, अब 4 माह तक नहीं होंगे शुभ कार्य

लखनऊ। हिंदू धर्म में आषाढ़ के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी व्रत का काफी महत्त्व है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उनके सभी पाप नष्ट होते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने का विशेष महत्व होता है। देवशयनी एकादशी को हरिशयनी एकादशी और ‘पद्मनाभा’ भी कहा जाता हैं। इस बार देवशनी एकादशी 12 जुलाई 2019 को पड़ रही है।

Devshayani Ekadashi 2019 Know The Subh Muhurat :

पूजा का शुभ मुहूर्त—

इस साल हरिशयनी एकादशी 11 जुलाई को रात 3:08 से 12 जुलाई रात 1:55 मिनट तक रहने वाली है।

देवशयनी एकादशी पर इन बातों का रखें ध्यान —

  • देवशयनी एकादशी पर सूर्य उदय से पहले उठने का प्रयास अवश्य करें।
  • घर में लहसुन प्याज और तामसिक भोजन बिल्कुल भी ना बनाएं और ना ही खरीद कर लाएं।
  • एकादशी की पूजा पाठ में साफ-सुथरे कपड़ों का ही प्रयोग करें, हो सके तो काले नीले वस्त्र प्रयोग न करें।
  • देवशयनी एकादशी के व्रत विधान में परिवार में शांतिपूर्वक माहौल रखें।
  • सभी प्रकार की शुद्ध और साफ पूजा पाठ की सामग्री ही प्रयोग में लाएं।
  • पूजा में पीले फल और फूल अवश्य प्रयोग करें।

देवशयनी एकादशी पर न करें ये काम—

देवशयन के चातुर्मासीय व्रतों में पलंग पर सोना, भार्या का संग करना, झूठ बोलना, मांस, शहद, मूली, पटोल एवं बैगन आदि का सेवन वर्जित माना जाता है।

लखनऊ। हिंदू धर्म में आषाढ़ के शुक्ल पक्ष की देवशयनी एकादशी व्रत का काफी महत्त्व है। मान्यता है कि इस व्रत को करने से भक्तों की समस्त मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उनके सभी पाप नष्ट होते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा अर्चना करने का विशेष महत्व होता है। देवशयनी एकादशी को हरिशयनी एकादशी और 'पद्मनाभा' भी कहा जाता हैं। इस बार देवशनी एकादशी 12 जुलाई 2019 को पड़ रही है। पूजा का शुभ मुहूर्त--- इस साल हरिशयनी एकादशी 11 जुलाई को रात 3:08 से 12 जुलाई रात 1:55 मिनट तक रहने वाली है। देवशयनी एकादशी पर इन बातों का रखें ध्यान ---
  • देवशयनी एकादशी पर सूर्य उदय से पहले उठने का प्रयास अवश्य करें।
  • घर में लहसुन प्याज और तामसिक भोजन बिल्कुल भी ना बनाएं और ना ही खरीद कर लाएं।
  • एकादशी की पूजा पाठ में साफ-सुथरे कपड़ों का ही प्रयोग करें, हो सके तो काले नीले वस्त्र प्रयोग न करें।
  • देवशयनी एकादशी के व्रत विधान में परिवार में शांतिपूर्वक माहौल रखें।
  • सभी प्रकार की शुद्ध और साफ पूजा पाठ की सामग्री ही प्रयोग में लाएं।
  • पूजा में पीले फल और फूल अवश्य प्रयोग करें।
देवशयनी एकादशी पर न करें ये काम--- देवशयन के चातुर्मासीय व्रतों में पलंग पर सोना, भार्या का संग करना, झूठ बोलना, मांस, शहद, मूली, पटोल एवं बैगन आदि का सेवन वर्जित माना जाता है।