Dhanteras 2019: जानें कब है धनतेरस, पूजन विधि और पूजा का शुभ मुहूर्त

Dhanteras 2019: जानें कब है धनतेरस, पूजन विधि और पूजा का शुभ मुहूर्त
Dhanteras 2019: जानें कब है धनतेरस, पूजन विधि और पूजा का शुभ मुहूर्त

नई दिल्ली। देशभर में धनतेरस और दीपावली पूजन की तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार 25 अक्टूबर को धनतेरस का त्योहार पड़ रहा है। हिन्दू परंपरा में दिवाली की तरह ही इस दिन का भी खास महत्व होता है। इस दिन धन की देवी लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और यमराज का पूजन किया जाता है। इस दिन लोग खरीददारी भी करते हैं, तो चलिए जानते हैं धनतेरस की खरीदारी और पूजा के शुभ मुहूर्त के बारे में….

Dhanteras 2019 Know The Auspicious And Worship Method Of Dhanteras :

धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त

शाम 7 बजकर 10 मिनट से 8 बजकर 15 मिनट तक
प्रदोष काल-5 बजकर 42 मिनट से 8 बजकर 15 मिनट तक
वृषभ काल-6 बजकर 51 मिनट से 8 बजकर 47 मिनट तक

धनतेरस की पूजा का आसान तरीका

  • धनतेरस की शाम को तिल के तेल से आटे या पीतल के दीपक जलाएं।
  • पूजा की जगह सुगंध बिखेरें।
  • शाम की पूजा में सबसे पहले गणेशजी की पूजा करें।
  • गणेशजी की पूजा के बाद लक्ष्मीजी की पूजा करें।
  • लक्ष्मीजी की पूजा के बाद भगवान धन्वन्तरि और यमराज जी की पूजा करें।
  • फूल और अक्षत से भगवान धन्वन्तरि, गणेशजी, लक्ष्मीजी की पूजा करें।
  • पूजा के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके यमराज को जल दें।
  • पूजा में अनाज निकाल कर रखें।
  • पूजा के बाद अनाज का दान करें।
  • धनतेरस के दिन गणेशजी की स्थापना करने विशेष लाभ होता है।
नई दिल्ली। देशभर में धनतेरस और दीपावली पूजन की तैयारियां शुरू हो गई है। इस बार 25 अक्टूबर को धनतेरस का त्योहार पड़ रहा है। हिन्दू परंपरा में दिवाली की तरह ही इस दिन का भी खास महत्व होता है। इस दिन धन की देवी लक्ष्मी, धन के देवता कुबेर और यमराज का पूजन किया जाता है। इस दिन लोग खरीददारी भी करते हैं, तो चलिए जानते हैं धनतेरस की खरीदारी और पूजा के शुभ मुहूर्त के बारे में.... धनतेरस पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 7 बजकर 10 मिनट से 8 बजकर 15 मिनट तक प्रदोष काल-5 बजकर 42 मिनट से 8 बजकर 15 मिनट तक वृषभ काल-6 बजकर 51 मिनट से 8 बजकर 47 मिनट तक धनतेरस की पूजा का आसान तरीका
  • धनतेरस की शाम को तिल के तेल से आटे या पीतल के दीपक जलाएं।
  • पूजा की जगह सुगंध बिखेरें।
  • शाम की पूजा में सबसे पहले गणेशजी की पूजा करें।
  • गणेशजी की पूजा के बाद लक्ष्मीजी की पूजा करें।
  • लक्ष्मीजी की पूजा के बाद भगवान धन्वन्तरि और यमराज जी की पूजा करें।
  • फूल और अक्षत से भगवान धन्वन्तरि, गणेशजी, लक्ष्मीजी की पूजा करें।
  • पूजा के बाद दक्षिण दिशा की ओर मुंह करके यमराज को जल दें।
  • पूजा में अनाज निकाल कर रखें।
  • पूजा के बाद अनाज का दान करें।
  • धनतेरस के दिन गणेशजी की स्थापना करने विशेष लाभ होता है।