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धनतेरस 2021: धनतेरस की पूजा में भगवान को लाल रंग के फूल करें अर्पित, इन मंत्रों से करें पूजा

दिवाली से पहले धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। धन हर्ष और सुख, समृद्धि देने की मान्यता वाला ये पर्व इस साल 2 नवंबर 2021 को मनाया जाएगा।

By अनूप कुमार 
Updated Date

धनतेरस 2021:  दिवाली से पहले धनतेरस का त्योहार मनाया जाता है। धन हर्ष और सुख, समृद्धि देने की मान्यता वाला ये पर्व इस साल 2 नवंबर 2021 को मनाया जाएगा। हिंदी पंचांग के अनुसार कार्तिक मास में कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी तिथि को धनतेरस का पर्व पड़ता है। इसे धन त्रयोदशी या फिर धनवंतरि जयंती को रुप में भी जाना जाता है।

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धनतेरस 2021: मुहूर्त और पूजा का समय
त्रयोदशी तिथि शुरू- 02 नवंबर, 2021 11:31
त्रयोदशी तिथि समाप्त- 03 नवंबर, 2021 09:02
सूर्योदय- 02नवंबर, 2021 06:36
सूर्यास्त- 02 नवंबर, 2021 05:44

धनतेरस की पूजा विधि
धनतेरस की पूजा के लिए सबसे पहले एक चौकी पर लाल रंग का कपड़ा बिछाएं।चौकी पर गंगाजल छिड़ककर स्थान को पवित्र कर लें। अब चौकी पर भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और भगवान कुबेर की प्रतिमा स्थापित करें। भगवान के सामने घी का दीपक जलाएं। धूप और अगरबत्ती लगाएं। भगवान को लाल रंग के फूल अर्पित करें। इस दिन आप जो भी धातु , ज्वेलरी या बर्तन खरीदें उसे चौकी पर रखें।

पूजा के दौरान “ॐ ह्रीं कुबेराय नमः” का जाप करें। धनवंतरि स्तोत्र का पाठ करें। लक्ष्मी स्तोत्र और लक्ष्मी चालीसा का पाठ करें।

कुबेर मंत्र

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ॐ यक्षाय कुबेराय वैश्रवणाय धनधान्याधिपतयेधनधान्यसमृद्धिं मे देहि दापय स्वाहा॥

2. कुबेर धन प्राप्ति मंत्र

ॐ श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नमः॥

कुबेर का षोडशाक्षर मंत्र

– ॐ श्री ॐ ह्रीं श्रीं ह्रीं क्लीं श्रीं क्लीं वित्तेश्वराय नम:।

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धन प्राप्ति की कामना करने वाले साधकों को कुबेर जी का यह मंत्र जपना चाहिये। इसके नियमित जप से साधक को अचानक धन की प्राप्ति होती है।

3. कुबेर अष्टलक्ष्मी मंत्र

ॐ ह्रीं श्रीं क्रीं श्रीं कुबेराय अष्ट-लक्ष्मी मम गृहे धनं पुरय पुरय नमः॥

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