धर्मांतरण के संदेह में रुकवाई चर्च में प्रार्थना

लखनऊ: उत्तर प्रदेश में कुछ हिंदू कार्यकर्ताओं ने एक चर्च में प्रार्थना धर्मातरण के संदेह में रुकवा दी। पुलिस ने शनिवार को बताया कि प्रार्थना महाराजगंज चर्च में हो रही थी, जिसे हिन्दू वाहिनी के पदाधिकारियों ने रुकवा दिया। उनका आरोप है कि कुछ लोग यहां धर्मातरण करा रहे थे। हिन्दू वाहिनी के सदस्यों ने बताया कि स्थानीय गरीब लोगों को धर्मातरण के लिए लालच देने के उद्देश्य से यूक्रेन और अमेरिका से विदेशी पर्यटकों का एक समूह यहां पहुंचा था।




कार्यकर्ताओं का कहना है कि प्रार्थना कोठीभार इलाके के बिजापार गांव में स्थित एक चर्च में शुक्रवार को शुरू हुई थी। विदेशी पर्यटक एक माह के पर्यटक वीजा पर देश में था। उनके साथ दिल्ली निवासी देवराज गौड़ा भी थे, जिन्होंने पुलिस को अपना परिचय भारत सेवा समूह के अध्यक्ष के रूप में दिया।

पुलिस अधिकारियों ने समूह से पूछा कि आखिर वे कैसे प्रार्थना की अगुवाई कर सकते हैं, जबकि वे पर्यटक वीजा पर यहां आए हुए हैं। समूह ने हालांकि कहा कि वे धर्मातरण को लेकर यहां नहीं हैं, बल्कि वे उत्तर प्रदेश, उत्तरांचल और दिल्ली में तय आध्यात्मिक बैठकों में हिस्सा लेने के सिलसिले में यहां आए हैं। सभी नौ विदेशियों से दिल्ली रवाना होने को कहा गया। इससे पहले स्थानीय पुलिस स्टेशन ने उनके पासपोर्ट व वीजा की प्रतियां अपने पास रख ली।




पर्यटकों में से एक यूक्रेन की महिला ने कहा कि उनका पासपोर्ट फिलहाल उनके पास नहीं है, क्योंकि वह उसे दिल्ली में ही छोड़ आई हैं। इधर, चर्च प्रशासन ने भी धर्मातरण से इनकार किया है।