डिजिटल लेनदेन करने से 6 मिनट में मिलेगा लोन: पीएम मोदी

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने संसदीय दल को सम्बोधित करते हुए कहा कि सारी विपक्षी पार्टियां नोटबंदी पर लामबंद हैं। देश भ्रष्टाचार के खिलाफ खड़ा है और विपक्ष भ्रष्टाचार के साथ। इसके साथ ही उन्होंने जनता की समस्या का जिक्र करते हुए कहा कि ये समस्याएं केवल 50 दिनों के लिए हैं। अभी 35 दिन बीते हैं। 50 दिनों के बाद नोटबंदी के फायदे दिखाई देने लगेंगे। अगर लोग इस फैसले के बाद डिजिटल ट्रांजिक्शन करना शुरू कर देंगे तो लोगों को उनकी जरूरत के लिए केवल 6 मिनट में लोन मिलेगा, क्योंकि अब तक बैंक को जिन लेन देन का चिट्ठा आप कागजों में देते थे वो सब आपके मोबाइल में होगा।

संसदीय दल को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा विपक्ष की मांग पर उनके सदन में होने के बावजूद किसी तरह की चर्चा नहीं हुई। विपक्ष के हंगामे की वजह से ही संसद के सत्र का पूरा समय बर्बाद हो गया। किसी भी तरह की कोई चर्चा नहीं हो पाई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के लिए दल, देश से बड़ा है और हमारे लिए देश से बड़ा कोई दल नहीं है।




50 दिनों के लिए है दिक्कत

मोदी ने जनता की दिक्कतों का जिक्र करते हुए ​कहा कि आज नोटबंदी का 35वां दिन है। समस्याएं बनी हुई है, लेकिन जनता को यह विश्वास दिलाने की जरूरत है कि 50 दिनों के बाद आपकी सारीं परेशानिया खत्म हो जाएंगी, उसके बाद नोटबंदी के फायदे दिखाई देंगे।




डिजिटल इंडिया बनाना है लक्ष्य

मोदी ने कहां हमारा लक्ष्य देश को डिजिटल बनाना है, कैशलेश व्यवस्था को आगे बढ़ाना है। दुनिया में उन्ही देशों ने तरक्की की है जिन्होंने कैशलेश व्यवस्था पर जोर दिया है। मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहां की तरक्की वही कर सकता है जो बदलना चाहता है, जब तक आप बदलने की इच्छा नहीं रखते आप आगे नहीं बढ़ सकते।

डिजिटल लेन देन से मिलेंगी सहूलियतें

मोदी ने कहां अब तक लोगों को बैंक से लोन लेने के लिए कितनी मशक्कत करनी पडती है ये किसी से छुपा नहीं है। चाहें आप छोटे कारोबारी हों या बड़े लेकिन आपको अपने कारोबार को आगे बढ़ाने के लिए बैंक को पूरा प्रूफ दिखाना पडता था। आपको अपनी इनकम और खर्चों का ब्यौरा देना पड़ता था, जब बैंककर्मी संतुष्ट हो जाते थे तब जाकर 2-3 महीने बाद आपको लोंन मिलता था।

उदाहरण देते हुए पीएम मोदी ने बताया कि अगर कोई इस्तरी वाला बैंक से लोंन लेने जाए, तो बैंक उसे लोन नहीं देती है, क्योकि वह अपना कोई सोर्से इनकम नहीं दिखा पाता, ना ही उसके पास किसी तरह की कोई गारंटी होती है। डिजिटल पेमेंट के माध्यम से स्थिति बदलेगी, अगर वह काम करेगा और रोज छोटी छोटी रकम उसके खातों में जाएगी और उसके खर्चों का हिसाब भी डिजिटल माध्यम से सामने आ जाएगा तो बैंक उसे आराम से लोन दे देगी।




आखिर बैंक को मालूम हो जाएगा कि इस्तरी करने वाले की आमदनी कितनी है और खर्चा कितना है। उसकी आमदनी देखते हुए उसे अधिकतम कितना लोन दिया जा सकता है। जिसे वह आसानी से चुका सकता है। ऐसा सभी के लिए होगा। आपके बैंक खाते के प्रूफ के आधार पर ही आपको लोन मिलने में 6 मिनट का समय लगेगा। इसका सबसे ज्यादा फायदा देश के किसानो और छोटे व्यापारियों को मिलेगा। उनके सामने खुद को आगे बढ़ाने के नए रास्ते बनेंगे, पैसों की कमी किसी की तरक्की को नहीं रोक सकेगी।