दिल्ली में बैठी सरकार पाकिस्तान से हर लड़ाई की चुनौती स्वीकार करती है: पीएम मोदी

कोझिकोड। केरल के कोझिकोड में बीेजेपी राष्ट्रीय परिषद की दो दिवसीय बैठक के शुरू होने से ठीक पहले पीएम नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को एक रैली को सं​बोधित करते हुए कहा कि अगर पाकिस्तान लड़ाई की चुनौती देता है तो दिल्ली में बैठी उनके नेतृत्व वाली सरकार उसे स्वीकार करती है। लेकिन पाकिस्तान की जनता को संदेश देते हुए उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी जनता को चाहिए कि वे अपने हुकमरानों से सवाल पूछे कि वे उन्हें भारत से लड़ाई के नाम पर कब तक गुमराह करते रहेंगे। एक साथ आजाद हुए दोनों देश क्यों न बेरोजगारी, अशिक्षा, स्वस्थ सेवाओं और गरीबी के खिलाफ लड़ें।




पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर उरी आतंकी हमले का जिक्र करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ दुनिया के सभी मानवतावा​दी देशों को एक होना पड़ेगा। इसके अलावा दुनिया के सामने कोई और विकल्प नहीं है। पाकिस्तान का नाम लिए बिना पड़ोसी देश के नाम से संबोधित करते हुए कहा कि पड़ोसी देश के इंपोर्ट किए टेरिस्टों के हमले में हमारे देश के 18 जवानों को शहीद होना पड़ा। आतंकवादी कान खोल कर सुन लें कि ये देश इस बात को कभी भूलने वाला नहीं है। पिछले कुछ महीनों में 17 बार पड़ोसी देश से घुसपैठ को अंजाम दिया। कभी चार तो पांच की संख्या में फिदायीनों ने देश को तहस नहस करने का प्रयास किया। हर बार हमारी सेना ने उन्हें मार गिराया, लेकिन 17 सितंबर को उन्होंने सीमा के पास आर्मी बेस पर हमला कर हमारे 18 सैनिकों को मार दिया।

उन्होंने कहा कि अब तक 110 आतंकवादियों को हमारी सेना अब तक घुसपैठ करते हुए मार चुकी है। इन संभावित 17 घटनाओं से देश को बचाने के लिए हमारी सेना और सीमा सुरक्षा बलों ने सीना तान कर मुकाबला किया। वे रातभर जागते रहे और सवा सौ करोड़ लोगों को चैन की नींद देते रहे। हमें अपनी सेना और अपने जवानों पर गर्व है।




पीएम मोदी ने देश की जनता से कहा कि आप कल्पना कर सकते हैं कि पड़ोसी देश एक घटना को अंजाम देने में सफल हुआ और हमारे 18 वीरों को बली होना पड़ा। अगर वे 17 बार कामयाब हुए होते तो हमारे देश का कितना नुकसान हुआ होता। हमारी सेना के जवान, सुरक्षा बलों के जवान, सीआरपीएफ, बीएसएफ, जम्मू—कश्मीर की पुलिस और नॉर्थ ईस्ट के जवान इन लड़ाइयों को जीतते चले आए हैं। जवानों के हथियार देशवासियों का मनोबल होते हैं। और देशवासियों का मनोबल जवानों का हौसला होता है। आज 125 करोड़ देशवासियों के मनोबल से हमारे जवानों का हौसला चरम पर है।

इसके साथ ही पीएम मोदी ने पाकिस्तान पर हमला करते हुए कहा कि पड़ोसी देशों के नेता कहा करते थे कि हजार साल तक लड़ेंगे लेकिन वे काल के भीतर कहां खो गए पता नहीं? वहां के हुकमरान आतंकियों के लिखे भाषण पढ़ा करते हैं। आतंकियों की जुबान बोलते हैं। पाकिस्तानी आवाम के पूर्वज भी 1947 से पहले इसी संयुक्त भारत की मिट्टी को प्रणाम करते थे। आपके उन्हीं पूर्वजों की याद दिलाते हुए मैं आपसे कुछ पूछना चाहता हूं कि वे आतंकियों की जुबान बोलने वाले अपने हुकमरानों से पूछे ​कि पीओके आपके पास है क्या वे उसे संभाल पा रहे हैं। पूर्वी पाकिस्तान जो कभी उनके पास हुआ करता था जो आज बांग्लादेश बन चुका है क्या वे उसे संभाल पाए। क्या पख्तूनिस्तान को संभाल पा रहे, क्या गिलगिट और बलूचिस्तान उनसे संभल पा रहा है? उन्हें हुकमरानों से पूछना चाहिए कि जो आपके घर में है वो आपसे नहीं संभल रहा तो कश्मीर के लिए लड़ाई लड़ने की बात कर पाकिस्तानी आवाम को गुमराह क्यों किया जा रहा है?




उन्होंने कहा कि पाकिस्तान की आवाम को अपने हुकमरानों से पूछना चाहिए कि दोनों देश एक साथ आजाद हुए, लेकिन क्या कारण है हिन्दुस्तान दुनिया में सॉफ्टवेयर एक्सपोर्ट करता है और पाकिस्तान आतंकवादी? उन्होंने पाकिस्तान की आवाम से कहा कि आपको गुमराह करने के लिए हजार साल तक युद्ध करने की बात करते हैं, लेकिन आज दिल्ली में ऐसी सरकार बैठी है जो उनकी इस चुनौती को स्वीकार करते हैं।

अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए पीएम मोदी ने कहा कि लेकिन वे चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान के बीच लड़ाई कश्मीर के लिए नहीं बल्कि गरीबी मिटाने, बेरोजगारी खत्म करने, अशिक्षा के खिलाफ, रोज दम तोड़ते नवजातों और प्रसूता माताओं को बचाने के लिए दोनों देशों को लड़नी चाहिए। देखते हैं ये लड़ाईयां कौन पहले जीतता है हिन्दुस्तान या पाकिस्तान।




इसके बाद पीएम मोदी ने पाकिस्तानी सरकार पर हमलावर होते हुए कहा कि पाकिस्तान के हुकमरान सुन लें कि हमारे 18 जवानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा। भारत पाकिस्तान को पूरी दुनिया में अलग थलग करने में लगा है। दुनिया में भारत इसे पेश करेंगा और अपने प्रयासों को तेज करेगा। भारत तब तक पीछे नहीं हटेगा जब तक पाकिस्तान दुनिया के बीच अकेला न पड़ जाए। पीएम मोदी ने भरोसा जताया कि वो दिन दूर नहीं होगा जब पाकिस्तान की जनता अपने हुकमरानों और आतंकवाद के खिलाफ लड़ने के लिए मैदान में होगी। हमारे देश का भविष्य शांति सद्भावना और एकता में हैं। हम 125 करोड़ भारतीय अपनी सेना के साथ खड़े हैं पूरी एकता के साथ।

अपने भाषण का अंत करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह वर्ष पंडित दीनदयाल उपाध्याय का जन्मशताब्दी वर्ष है जिसे केन्द्र सरकार ने गरीबी उन्मूलन ​वर्ष के रूप में मनाने का फैसला लिया है। सरकार का प्रयास है कि वह गरीबों के कल्याण के काम में सफल बने। सरकार का लक्ष्य है कि भारत गरीबी, भेदभाव, अन्याय, बेरोजगारी, अशिक्षा, भ्रष्टाचार, महिला उत्पीड़न, गंदगी और निराशा से मुक्त होकर समृद्धि, सद्भावना, न्याय, रोजगार, शिक्षा, पारदर्शिता, नारी सुरक्षा, स्वच्छता और आशा से युक्त हो।