पालिकाकर्मियों की लापरवाही का नतीजा, दिन में भी जलती हैं स्ट्रीट लाइट्स

नगीना। आज के इस आधुनिक युग में भी भारत वर्ष के अंदर वो लोग भी मौजूद हैं। जिनके घरों में बिजली की समस्या है। या यूं कहें कि अपनी गरीबी के कारण वह आराम से बिजली में सो नहीं सकते। जबकि केन्द्र सरकार से लेकर उप्र सरकार भी गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दे रही है या देने की तैयारी कर रही है। साथ ही बिजली बचाओ अभियान चलाकर आम नागरिकों को जागरूक कर रही है कि बिजली बचाना कितना…

नगीना। आज के इस आधुनिक युग में भी भारत वर्ष के अंदर वो लोग भी मौजूद हैं। जिनके घरों में बिजली की समस्या है। या यूं कहें कि अपनी गरीबी के कारण वह आराम से बिजली में सो नहीं सकते। जबकि केन्द्र सरकार से लेकर उप्र सरकार भी गरीबों को मुफ्त बिजली कनेक्शन दे रही है या देने की तैयारी कर रही है। साथ ही बिजली बचाओ अभियान चलाकर आम नागरिकों को जागरूक कर रही है कि बिजली बचाना कितना आवश्यक है।




लेकिन केन्द्र सरकार हो या राज्य सरकार या किसी न्यायपालिकायें लाइट बचान की अपील करना नगर पालिका परिषद नगीना के अधिकारियों व कर्मचारियों को सुनायीं नहीं देता है। वह बस रोज की भांती अपने अपन कार्यालयों में आकर बैठ जाते हैं। व शहर में कहां क्या हो रहा है उससे बिल्कुल अंजान बने रहते हैं। नगीना शहर के मौहल्ला कायस्थी सराये व आसपास के मौहल्लों में जिनमें स्ट्रीट लाइटें जलती हुईं देखी जा सकती हैं।

लेकिन इस आर नगर पालिका के अधिकारियों व कर्मचारियों का ध्यान नहीं जाता है और ना ही बिजली विभाग का कोई कर्मचारी इस ओर ध्यान देता है। यदि स्ट्रीट लाइट पूरे दिन जलती रहती है। तो वह इतनी बिजली फूंक देती है जिससे दो गरीब परिवारों को लाइट मिलने से गुजर हो सके। यदि समय समय पर उच्चाधिकारियों द्वारा नगर पालिकाओं की जांच समय समय पर की जाने लगे तो तमाम कार्य खुलकर सामने आ सकते हैं।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट

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