दिव्यांग जुड़वा बहनों ने दिखाई जिन्दादिली, बैंक की कतार में लग बदले नोट

कानपुर। कालेधन और भ्रष्टाचार के खिलाफ प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा चलाए गए नोटबंदी आॅपरेशन पर लोगों की मिली जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। राजनीतिक दलों के अलावा आम लोगों में बहुत बड़ा तबका ऐसा है जिसे नोटबंदी से दिक्कत हो रही है। इस बीच यूपी के कानपुर शहर की राष्ट्रपति सम्मान विजेता जुड़वा दिव्यांग बहनें श्रुति भाटला और गोरे भाटला ने गुरूवार को बैंक की कतार में लग देशभर के सामने प्रधानमंत्री के कदम का साथ देने की अपील की।




कानपुर के लालबंगला इलाके में रहने वाली जुड़वां दिव्यांग बहनों श्रुति और गोरे गुरूवार को जब बैंक के बाहर लाइन में लगीं तो लोग उन्हें देखकर हतप्रद नजर आए। खुले आसमान के नीचे तेज धूप के बीच लोग जहां परेशान थे वहीं इन दोनों बहनों के चेहरे पर मुस्कान थी। मानो वे इस अवसर को किसी त्यौहार की तरह मना रही हों। जब हमने राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित हो चुकीं दोनों दिव्यांग से बातचीत की तो उन्होंने देशवासियों से भी मोदी जी का साथ देने की अपील की है।

इनके माता पिता का कहना है कि दोनों बहनों को नोटों की जरूरत महसूस हुई तो उन्होंने घर में बैंक जाने की ईच्छा जाहिर की। दोनों माता—पिता के साथ व्हील चेयर पर बैठकर बैंक पहुँच गई। बैंक के बाहर दूसरे ग्राहकों की तरह ही खुद भी लाइन में लगकर अपनी बारी का इंतजार करने लगीं। बैंक के अंदर पहुँचने पर उनको नए नोट मिले तो उन्होंने लोगों को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का साथ देने की अपील की।




आपको बता दें कि श्रुति और गोरे जन्मजात दिव्यांग हैं। चलने फिरने में अक्षम दोनों बहनों को माता—पिता ने कभी भी कमजोर नहीं पड़ने दिया। इसके चलते ही दोनों बहनों ने खुद के बूते राष्ट्रपति पुरस्कार समेत तमाम पुरस्कार हासिल किये हैं।