मनी लॉन्ड्रिंग मामला : 11 दिनों तक ईडी की रिमांड पर रहेंगे कांग्रेस के संकटमोचन डीके शिवकुमार

dk shivkumar
मनी लॉन्ड्रिंग मामला : 11 दिनों तक ईडी की रिमांड पर रहेंगे कांग्रेस के संकटमोचन डीके शिवकुमार

नई दिल्ली। कांग्रेस के ‘संकटमोचक’ कहे जाने वाले और पार्टी के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार को दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को 13 सितंबर तक ईडी की रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी ने कोर्ट से 14 दिनों की रिमांड की मांग की थी। जिसे न्यायालय ने मान लिया।

Dk Shivkumar Congress Troubleshooter Will Be On Eds Remand For 11 Days :

बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उन्हे मंगलवार की रात गिरफ्तार किया था, जिन्हे बुधवार को विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ के समक्ष पेश किया गया। इसके पहले जांच टीम ने उनका मेडिकल कराया था। शिवकुमार के वकीलों – अभिषेक मनु सिंघवी और दायन कृष्णन ने हिरासत में लेकर पूछताछ करने की ईडी की याचिका का यह कहते हुए विरोध किया कि वह जांच में शामिल हुए और कभी भागने की कोशिश नहीं की।

यहीं नहीं डीके शिवकुमार के वकील ने कहा कि उन्हे आज खाना भी नहीं दिया गया, जो ‘धीरे-धीरे दी जाने वाली यातना’ है। अभिषेक मनु सिंघवी ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस रिमांड अपवाद है और इसे विवेकहीन तरीके से नहीं दिया जा सकता। साथ ही उन्होने कहा कि शिवकुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की याचिका दुराग्रह से भरी हुई है।

नई दिल्ली। कांग्रेस के 'संकटमोचक' कहे जाने वाले और पार्टी के दिग्गज नेता डीके शिवकुमार को दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को 13 सितंबर तक ईडी की रिमांड पर भेज दिया है। जांच एजेंसी ने कोर्ट से 14 दिनों की रिमांड की मांग की थी। जिसे न्यायालय ने मान लिया। बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग के एक मामले में उन्हे मंगलवार की रात गिरफ्तार किया था, जिन्हे बुधवार को विशेष न्यायाधीश अजय कुमार कुहाड़ के समक्ष पेश किया गया। इसके पहले जांच टीम ने उनका मेडिकल कराया था। शिवकुमार के वकीलों - अभिषेक मनु सिंघवी और दायन कृष्णन ने हिरासत में लेकर पूछताछ करने की ईडी की याचिका का यह कहते हुए विरोध किया कि वह जांच में शामिल हुए और कभी भागने की कोशिश नहीं की। यहीं नहीं डीके शिवकुमार के वकील ने कहा कि उन्हे आज खाना भी नहीं दिया गया, जो 'धीरे-धीरे दी जाने वाली यातना' है। अभिषेक मनु सिंघवी ने रिमांड का विरोध करते हुए कहा कि पुलिस रिमांड अपवाद है और इसे विवेकहीन तरीके से नहीं दिया जा सकता। साथ ही उन्होने कहा कि शिवकुमार को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की याचिका दुराग्रह से भरी हुई है।