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Breaking- बिजली हड़ताल पर डीएम सख्त, 5 संविदा कर्मियों की सेवाएं समाप्त करने का जारी किया फरमान

यूपी में विद्युतकर्मियों की ओर से 14 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल जारी है। इस पर महोबा जिले डीएम मनोज कुमार का सख्त एक्शन सामने आया है। विद्युत व्यवस्था गड़बड़ाने पर डीएम ने 5 विद्युत संविदाकर्मियों की सेवाएं समाप्त कर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उनकी जगह नए कर्मियों को रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

By संतोष सिंह 
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महोबा। यूपी में विद्युतकर्मियों की ओर से 14 सूत्रीय मांगों को लेकर हड़ताल जारी है। इस पर महोबा जिले डीएम मनोज कुमार का सख्त एक्शन सामने आया है। विद्युत व्यवस्था गड़बड़ाने पर डीएम ने 5 विद्युत संविदाकर्मियों की सेवाएं समाप्त कर एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। उनकी जगह नए कर्मियों को रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।

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डीएम के इस सख्त आदेश से विद्युतकर्मियों में भी खलबली मच गई है। डीएम ने विद्युतकर्मियों की हड़ताल को अवैध बताया है। बता दें कि पूरे उत्तर प्रदेश में विद्युत विभाग के कर्मचारी अपनी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर लेकर हड़ताल कर रहे हैं। जिसका असर विद्युत आपूर्ति पर भी पड़ता दिखाई दे रहा है।

महोबा में कीरत सागर स्थित विद्युत उपकेंद्र पर सभी विद्युतकर्मी हाथों में तख्तियां लेकर सरकार की वादा-खिलाफी पर जमकर नारेबाजी कर रहे हैं। ऐसे में गड़बड़ा रही विद्युत व्यवस्था को लेकर डीएम का सख्त एक्शन भी सामने आया है। डीएम मनोज कुमार ने विद्युत कर्मियों की हड़ताल को अवैध बताते हुए 5 संविदा कर्मियों पर सेवा समाप्ति के निर्देश दिए हैं।

डीएम मनोज कुमार ने कहा कि जिन विद्युत संविदाकर्मियों पर कार्रवाई के लिए कहा है। वे प्रदेश में कही भी विद्युत विभाग में काम नहीं कर पाएंगे। उनके स्थान पर नए कर्मियों की भर्ती किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने संविदा पर काम कर रहे अर्थव,  दिलशाद, कालीचरण,  राजबहादुर और सलीम की सेवाएं समाप्त करने की बात कही है। डीएम ने साफ कहा कि व्यवस्था गड़बड़ाने पर हो रही हड़ताल में कोई रियायत नहीं की जाएगी। संबंधित सोर्स कंपनी को भी काली सूची में डालने के निर्देश दिए गए हैं।

इस दौरान डीएम ने विद्युत उपकेंद्र में पहुंचकर विद्युत आपूर्ति की व्यवस्थाओं को भी परखा। राजस्व और अन्य विभागों के टेक्निकल अधिकारियों के ड्यूटी मजिस्ट्रेट की तैनानी कर दी गई है। पुलिस की ड्यूटी भी विद्युत उप केंद्र में लगाई गई है। हड़ताल पर बैठे तमाम विद्युत कर्मचारियों का कहना है कि दिसंबर माह में ही सभी 14 सूत्रीय मांगों को लेकर एक समझौता हो गया था। सरकार ने वादा भी किया था।

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इस पर कोई अमल नहीं हुआ। दूसरे फेज में कार्य बहिष्कार कर हड़ताल की जा रही है। आज से पूरी तरीके से कार्य बहिष्कार है। सरकारी यदि मांगे नहीं मानती तो विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के प्रदेश नेतृत्व के निर्देश पर आगे आंदोलन को गति दी जाएगी और बीजेपी सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर जेल भरो आंदोलन तक होगा। विभाग के सहायक अभियंता रवि प्रकाश का आरोप है कि प्रशासन संविदा विद्युत कर्मियों को परेशान कर रही है।

थानों में बैठाकर पूछताछ हो रही है, जबकि संगठन ने साफ तौर पर कहा है कि विभाग के किसी भी कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई होने या जेल भेजने पर आर-पार की लड़ाई लड़ी जाएगी। सहायक अभियंता ने बताया कि प्रशासन दबाव में कार्रवाई कर रहा है। आंदोलन को दबाने की कोशिश की गई तो जेल भरो आंदोलन किया जाएगा।

 

 

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