डीएमआरसी मीटिंग में हो सकता है मेट्रो का किराया बढ़ाने का फैसला

नई दिल्ली। गुरुवार को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्परेशन बोर्ड कि मीटिंग होनी है और इस मीटिंग में मेट्रो के किराया बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है। इससे पहले भी समिति की रिपोर्ट मेट्रो बोर्ड के एजेंडे में दो बार रखी जा चुकी थी मगर नगर निगम चुनावों के चलते इसपर निर्णय नहीं हो पाया।




मिली जानकारी के मुताबिक समिति ने न्यूनतम किराया 8 रुपये से 10 रुपये व अधिकतम 30 रुपये से 50 रुपये करने की सिफारिश की है। इसके अलावा कमिटी ने एक्स्ट्रा इनकम के लिए एयरपोर्ट मेट्रो में लगेज केबिन लगाने और मेट्रो स्टेशन पर क्लॉक रूम लगाने की भी बात कही है।

Dmcr Meeting Mein Ho Sakta Hai Metro Ka Kiraya Badhane Ka Faisalaa :

आपको बता दें कि आखिरी बार मेट्रो का किराया साल 2009 में बढ़ाया गया था। तब न्यूनतम किराया 6 रुपये से बढाकर 8 रुपये किया गया था और अधिकतम किराया 22 रुपये से 30 रुपये किया गया था। हालांकि आज मेट्रो किराया निर्धारण समिति की रिपोर्ट पर मुहर लगानी तय माना जा रहा है।



कमिटी ने होलसेल प्राइस इंडेक्स, इलेक्ट्रिसिटी बिल, इनपुट कॉस्ट, ऑपरेशन और मेंटेनेंस चार्ज को ध्यान में रखते हुए किराये में बदलाव की मांग की थी। समिति ने हर साल जनवरी में किराये को लेकर बदलाव करने का भी सुझाव दिया है।

नई दिल्ली। गुरुवार को दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्परेशन बोर्ड कि मीटिंग होनी है और इस मीटिंग में मेट्रो के किराया बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है। इससे पहले भी समिति की रिपोर्ट मेट्रो बोर्ड के एजेंडे में दो बार रखी जा चुकी थी मगर नगर निगम चुनावों के चलते इसपर निर्णय नहीं हो पाया। मिली जानकारी के मुताबिक समिति ने न्यूनतम किराया 8 रुपये से 10 रुपये व अधिकतम 30 रुपये से 50 रुपये करने की सिफारिश की है। इसके अलावा कमिटी ने एक्स्ट्रा इनकम के लिए एयरपोर्ट मेट्रो में लगेज केबिन लगाने और मेट्रो स्टेशन पर क्लॉक रूम लगाने की भी बात कही है।आपको बता दें कि आखिरी बार मेट्रो का किराया साल 2009 में बढ़ाया गया था। तब न्यूनतम किराया 6 रुपये से बढाकर 8 रुपये किया गया था और अधिकतम किराया 22 रुपये से 30 रुपये किया गया था। हालांकि आज मेट्रो किराया निर्धारण समिति की रिपोर्ट पर मुहर लगानी तय माना जा रहा है। कमिटी ने होलसेल प्राइस इंडेक्स, इलेक्ट्रिसिटी बिल, इनपुट कॉस्ट, ऑपरेशन और मेंटेनेंस चार्ज को ध्यान में रखते हुए किराये में बदलाव की मांग की थी। समिति ने हर साल जनवरी में किराये को लेकर बदलाव करने का भी सुझाव दिया है।