वेल्लोर लोकसभा सीट पर DMK ने मारी बाजी, 8141 वोटों से मिली जीत

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वेल्लोर लोकसभा सीट पर DMK ने मारी बाजी, 8141 वोटों से मिली जीत

नई दिल्ली। तमिलनाडु की वेल्लोर लोकसभा सीट (Vellore Loksabha Seat) पर द्रमुक (DMK) ने बाजी मार है। इस सीट के लिए कुल 28 प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन मुख्‍य मुकाबला सत्‍तारूढ़ आल इंडिया अन्‍ना द्रमुक (AIADMK) और मुख्‍य विपक्षी दल द्रमुक (DMK) के बीच दिखा। आनंद ने AIADMK के ए सी षणमुगम को 8,141 वोटों के अंतर से हराया।

Dmk Kathir Anand Won Vellore Lok Sabha Bypoll :

इस सीट पर चुनावी मैदान में 28 प्रत्याशी थे। वेल्लोर सीट में छह विधानसभा क्षेत्र- वेल्लोर, अनाईकट्टू, किलवैतिनंकुप्पम, गुडियाट्टम, वनियमवाडी और अंबूर हैं। यहां कुल 1,400 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई। 5 अगस्त को हुए चुनाव में करीब 63 पर्सेंट लोगों ने वोट डाले। एआईएडीएमके के चुनाव अभियान का नेतृत्व मुख्यमंत्री ई. के. पलानीस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने किया था। वहीं डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने आनंद के अभियान का नेतृत्व किया था।

इस कारण हुआ था चुनाव रद्द

डीएमके के एक प्रत्‍याशी के ठिकाने से लगभग 11.5 करोड़ रुपये बरामद होने के बाद चुनाव आयोग ने यहां चुनाव रद्द कर दिया था। मतदान के दूसरे चरण में वेल्‍लोर में 18 अप्रैल को चुनाव होना था। चुनाव आयोग ने इस संबंध में अनुशंसा राष्ट्रपति को भेजी थी। चुनाव आयोग की सिफारिश पर राष्‍ट्रपति ने वेल्‍लौर में चुनाव रद्द करने के फैसले को मंजूरी दे दी थी। जानकारी के मुताबिक वोटरों को प्रभावित करने के लिए पैसों के दुरुपयोग के आरोप में किसी संसदीय सीट पर लोकसभा चुनाव रद्द होने का यह पहला मामला भी रहा।

नई दिल्ली। तमिलनाडु की वेल्लोर लोकसभा सीट (Vellore Loksabha Seat) पर द्रमुक (DMK) ने बाजी मार है। इस सीट के लिए कुल 28 प्रत्याशी मैदान में थे, लेकिन मुख्‍य मुकाबला सत्‍तारूढ़ आल इंडिया अन्‍ना द्रमुक (AIADMK) और मुख्‍य विपक्षी दल द्रमुक (DMK) के बीच दिखा। आनंद ने AIADMK के ए सी षणमुगम को 8,141 वोटों के अंतर से हराया। इस सीट पर चुनावी मैदान में 28 प्रत्याशी थे। वेल्लोर सीट में छह विधानसभा क्षेत्र- वेल्लोर, अनाईकट्टू, किलवैतिनंकुप्पम, गुडियाट्टम, वनियमवाडी और अंबूर हैं। यहां कुल 1,400 मतदान केंद्रों पर वोटिंग हुई। 5 अगस्त को हुए चुनाव में करीब 63 पर्सेंट लोगों ने वोट डाले। एआईएडीएमके के चुनाव अभियान का नेतृत्व मुख्यमंत्री ई. के. पलानीस्वामी और उपमुख्यमंत्री ओ. पन्नीरसेल्वम ने किया था। वहीं डीएमके अध्यक्ष एमके स्टालिन ने आनंद के अभियान का नेतृत्व किया था। इस कारण हुआ था चुनाव रद्द डीएमके के एक प्रत्‍याशी के ठिकाने से लगभग 11.5 करोड़ रुपये बरामद होने के बाद चुनाव आयोग ने यहां चुनाव रद्द कर दिया था। मतदान के दूसरे चरण में वेल्‍लोर में 18 अप्रैल को चुनाव होना था। चुनाव आयोग ने इस संबंध में अनुशंसा राष्ट्रपति को भेजी थी। चुनाव आयोग की सिफारिश पर राष्‍ट्रपति ने वेल्‍लौर में चुनाव रद्द करने के फैसले को मंजूरी दे दी थी। जानकारी के मुताबिक वोटरों को प्रभावित करने के लिए पैसों के दुरुपयोग के आरोप में किसी संसदीय सीट पर लोकसभा चुनाव रद्द होने का यह पहला मामला भी रहा।