लगभग दो करोड़ की लागत से बने नाला निर्माण कार्य की जांच के निर्देश

बिजनौर। जिला अधिकारी जगतराज ने इंदिरा पार्क में आवास विकास परिषद द्वारा की गयी इंटरलॉकिंग एवं सोलर लाईटों में एस्टीमेट से अधिक धनराशि का खर्च किया जाना प्रकाश में आने पर संबंधित कार्यदायी संस्था से वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश दिये। इसी के साथ उन्होंने इन्टर लॉकिंग की सड़क में जगह-जगह दबक और टायल्स के टूटे हुए पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में नवगठित समिति द्वारा जांच करने के निर्देश दिये। इसके अलावा उन्होंने विधान सभा चुनाव-2017 से पूर्व पार्क निरीक्षण के दौरान एक करोड़ नव्वे लाख की लागत से बने नाला निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच अधिशासी अभियंता लोनिवि को करने के निर्देश दिये थे, जिसके सापेक्ष उन्होंने अपनी रिपोर्ट में जिलाधिकारी को बताया कि नाले का निर्माण कार्यदायी संस्था आवास विकास परिषद द्वारा स्वीकृत डिजाइन के अनुरूप नहीं कराया गया तथा निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की स्पष्ट अनदेखी की गयी है, जिसके कारण वर्तमान में भी नाले का अस्तित्व खतरे से बाहर नहीं है।




जिलाधिकारी जगतराज आज दोपहार 01 बजे निर्धारित कार्यक्रम के अनुरूप इंदिरा पार्क का निरीक्षण करते हुए उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दे रहे थे। उन्होंने कहा कि उनके द्वारा विधान सभा सामान्य निर्वाचन-2017 से पूर्व इन्दिरा पार्क के सौंदर्यकरण और उसको जन सामान्य के लिए मनोरजंन का साधन बनाने के लिए निर्देश दिये गये थे ताकि स्थानीय एवं आसपास के लोगों को पिकनिक और मनोरंजन के लिए सुलभ स्थान मयस्सर हो सके। उन्होंने निरीक्षण के दौरान इंदिरा पार्क में सड़क पर कराये जा रहे इन्टर लॉकिंग कार्य की गुणवत्ता खराब पाये जाने पर उसकी जांच अधिशासी अभियन्ता लोनिवि को करने के निर्देश दिये थे।

उन्हेांने बताया कि जांच में मानक के अनुरूप इंटरलॉकिंग कार्य नहीं किया गया है और टॉयल्स के नीचे मानक से अधिक रेत का प्रयोग किये जाने के कारण सड़क में जगह जगह इन्डोलेशन अर्थात दबक पड़ी हुयी हैं और टॉयल्स भी भारी संख्या में टूटे होने के कारण उनका मानक के अनुरूप न होना सिद्व होता है। इस के अलावा जांच में यह भी प्रकाश में आया कि संस्था द्वारा पार्क में सोलर लाईट्स के बजट का आंकलन नेडा के अनुरूप प्रस्तुत नहीं किया और नेडा के रेट से अधिक दामों पर सोलर लाईटों की खरीदारी की गयी है। नाला निर्माण कार्य में सुधार एवं पुनः सुधार के बावजूद वर्तमान में भी तकनीकी विशेषज्ञों द्वारा उसके अस्तित्व को खतरे में बताते हुए रिटेनिंग वॉल बढ़ाने की सलाह दी गयी। उन्होंने जेई ओमपाल सिंह को निर्देश दिये कि तत्काल रूप से नाले के किनारे रिलेटिंग वाल का निर्माण करायें ताकि उसके टूटने का खतरा कम हो सके।




जगतराज द्वारा आवास विकास संस्था द्वारा कराये जा रहे उक्त सभी निर्माण कार्याे में मानक एंव गुणवत्ता की अनदेखी किये जाने और वित्तीय अनियमित्ता पाये जाने पर समिति के अध्यक्ष मुख्य विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि संबंधित कार्यदायी संस्था के विरूद्व उनके प्रमुख सचिव को लिखें और एक करोड़ नव्वे लाख रूपये की लागत से मानक के विपरीत निर्मित होने वाले नाले एवं अन्य निर्माण कार्य की जांच शासन द्वारा टीएसी से जांच कराने का अनुरोध पत्र उनकी ओर से तत्काल प्रेषित करें। उन्होंने निरीक्षण के दौरान नाला चोक होने के कारण उसमें पानी स्थिर और गन्दा पाया गया।

उन्होंने निर्देश दिये कि तत्काल नाले की सफाई नगर पालिका द्वारा करायी जाए और कार्यदायी संस्था नाले में पानी न जमा होने दे, उसकी निकासी का उचित प्रबन्ध करना सुनिश्चित करे। उन्होंने पार्क की नियमित सफाई के लिए 3 सफाई कर्मचारी पंचायतराज विभाग तथा दो नगरपालिका परिषद बिजनौर से तत्काल नियमित रूप से इंदिरा पार्क में नियुिक्त करने के निर्देश दिये। इस अवसर पर उनके साथ मुख्य विकास अधिकारी डा0 इंद्रमणि त्रिपाठी, अपर जिलाधिकारी प्रशासन मदन सिंह गर्ब्याल, जिला पूर्ति अधिकारी सुनील कुमार, अधिशासी अभियन्ता लोनिवि श्री पंवार, एसडीएम सदर अनुज सिंह के अलावा अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद थे।

बिजनौर से शहजाद अंसारी की रिपोर्ट