दो किशोरियों से दुष्कर्म की कोशिश के मामले में पुलिस चुप

Do Kishoriyo Se Dushkarm Ki Koshish Ke Mamle Men Police Chup

बांदा: उत्तर प्रदेश में बांदा जिले की पुलिस सूबे का निजाम बदलने के बाद भी बच्चियों से जुड़े मामलों में संवेदन शून्य बनी हुई है। दो किशोरियों के साथ हुए दुष्कर्म की कोशिश के मामलों में नरैनी पुलिस चुप है। पीडि़त पक्ष न्याय के लिए कई दिनों से पुलिस अधिकारियों की ड्योढ़ी के चक्कर लगा रहे हैं।

मामले नरैनी कोतवाली क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से जुड़े हैं। पहली घटना में खरौंच गांव के एक के व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की कि ‘सात अप्रैल को उसकी बारह साल की बेटी रात में अपने छोटे भाई के साथ सो रही थी, करीब आधी रात को उसी गांव का एक युवक खपरैल से चढ़कर उसके घर घुसा और बेटी के साथ दुष्कर्म की कोशिश की।’ उसने आरोप लगाया कि ‘पुलिस ने अब तक जांच तक करने की जरूरत नहीं समझी।’ इस घटना पर जब पुलिस उपाधीक्षक नरैनी अजय सिंह से पूछा गया तो उन्होंने बेतुका जवाब दिया। सीओ का कहना था कि ‘थाना पुलिस ने अपने स्तर से जांच की है और जांच में पाया गया कि लड़की के बुलाने पर ही लड़का घर घुसा था।’ लेकिन सीओ ने अभियोग न दर्ज करने के सवाल पर चुप्पी साध ली।




दूसरी घटना इसी थाने के मोतियारी गांव के मजरा बेलापुरवा की है। यहां 12 अप्रैल की रात छत में अकेले सो रही ग्यारह साल की बच्ची के साथ गांव के एक 30 साल के व्यक्ति ने उसके साथ दुष्कर्म की कोशिश की, बच्ची के शोर करने परवह भाग गया और उसका चप्पल वहीं छूट गया। अपनी शिकायत में बच्ची के पिता ने बताया कि ‘डायल-100 को फोन कर घटना की सूचना दी गई थी, मगर पुलिस घर तक नहीं पहुंची।’ उसने बताया कि ‘दूसरे दिन कोतवाली पहुंच कर तहरीर दी, जिसमें पुलिस जांच करने गई। लेकिन लोकलाज की दुहाई देकर मुकदमा दर्ज करने से मना कर दिया है।’ इस घटना पर सीओ ने अपने सीयूजी फोन पर नरैनी कोतवाल नेहाल अहमद से बात कराई तो कोतवाल का कहना था कि ‘घटना उनके संज्ञान में नहीं है, समाधान दिवसनिपटाने के बाद जांच करने जाऊंगा।’




इन दोनों मामलों में मुकामी पुलिस भले ही चुप हो, लेकिन नारी इंसाफ सेना की प्रमुख वर्षा भारतीय के तेवर काफी तल्ख हैं। वह कहती हैं कि ‘सूबे का निजाम बदल गया है, लेकिन यहां की पुलिस अपना रवैया नहीं बदल पाई।’ बकौल वर्षा, उनका संगठन इन मामलों में डीआईजी से भेंट कर मुकदमा न दर्ज करने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेगा।’

बाँदा से आर जयन की रिपोर्ट

बांदा: उत्तर प्रदेश में बांदा जिले की पुलिस सूबे का निजाम बदलने के बाद भी बच्चियों से जुड़े मामलों में संवेदन शून्य बनी हुई है। दो किशोरियों के साथ हुए दुष्कर्म की कोशिश के मामलों में नरैनी पुलिस चुप है। पीडि़त पक्ष न्याय के लिए कई दिनों से पुलिस अधिकारियों की ड्योढ़ी के चक्कर लगा रहे हैं। मामले नरैनी कोतवाली क्षेत्र के अलग-अलग गांवों से जुड़े हैं। पहली घटना में खरौंच गांव के एक के व्यक्ति ने पुलिस अधीक्षक से…