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कोरोना वायरस से घबराएं नहीं, ऐसे घर पर रहकर लें दवा की डोज

कोरोना वायरस की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक नजर आ रही है। प्रदेश में लक्षण विहीन व कम लक्षण वाले मरीज ज्यादा हैं। इस समय 71 हजार कोरोना मरीजों में से करीब 40 हजार ऐसे हैं, जो घर पर रहकर ही अपना इलाज करा रहे हैं। स्टेट सर्विलांस आफिसर डॉ. विकासेंदु अग्रवाल ने ऐसे मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सीय परामर्श जारी किया है।

By शिव मौर्या 
Updated Date

लखनऊ। कोरोना वायरस की दूसरी लहर ज्यादा खतरनाक नजर आ रही है। प्रदेश में लक्षण विहीन व कम लक्षण वाले मरीज ज्यादा हैं। इस समय 71 हजार कोरोना मरीजों में से करीब 40 हजार ऐसे हैं, जो घर पर रहकर ही अपना इलाज करा रहे हैं। स्टेट सर्विलांस आफिसर डॉ. विकासेंदु अग्रवाल ने ऐसे मरीजों के इलाज के लिए चिकित्सीय परामर्श जारी किया है।

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उन्होंने बताया कि नई गाइडलाइन के अनुसार अब आइवरमेक्टिन टैबलेट पांच दिन तक खिलानी है। पहले आइवरमेक्टिन तीन दिन खिलाई जा रही थी, लेकिन संक्रमण को देखते हुए इसे पांच दिन तक देने की सलाह दी गई है। होम आइसोलेशन में मरीज दवा के साथ-साथ दिन भर में चार लीटर गुनगुना पानी पिएं और तीन से चार बार भाप जरूर लें। गर्भवती महिलाओं, स्तनपान कराने वाली महिलाओं व दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को दवाएं नहीं देनी हैं। बाकी दो वर्ष से अधिक उम्र के बच्चों को कोई भी दवा देने से पहले चिकित्सक से परामर्श जरूर लें।

कोरोना मरीज इस तरह लें दवा

  • अगर मरीज का वजन 50 किलोग्राम से कम है और बुखार 100 डिग्री फारेनहाइट से कम है तो पैरासिटामोल की 500 मिलीग्राम (एमजी) की एक टेबलेट दिन भर में तीन बार लें।
  • अगर मरीज का वजन 50 किलोग्राम से ज्यादा है और बुखार 100 डिग्री फारेनहाइट से ज्यादा है तो पैरासिटामोल की 650 एमजी की एक टेबलेट दिन भर में तीन बार लें।
  • आइवरमेक्टिन की 12 एमजी की एक गोली वयस्क व्यक्तियों के लिए पूरे दिन में एक बार सिर्फ रात में भोजन के दो घंटे बाद खानी है। पांच दिन तक यह दवा खानी है। गर्भवती महिला, स्तनपान कराने वाली महिला और दो वर्ष से कम उम्र के बच्चों को यह दवा नहीं लेनी है। बाकी बच्चों के लिए चिकित्सक से परामर्श कर दवा लें।
  • डाक्सीसाईक्लिन का 100 एमजी का कैप्सूल वयस्क व्यक्ति को दिन में दो बार पांच दिन तक खाना है। इसे भी गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिला और दो वर्ष तक के बच्चों को नहीं देनी है। बाकी बच्चाें के लिए चिकित्सीय परामर्श लेना होगा।
  • एजिथ्रोमाइसिन की 500 एमजी की टैबलेट वयस्क व्यक्ति को दिनभर में एक बार पांच दिन तक खानी है। इसे भी गर्भवती महिलाएं, स्तनपान कराने वाली महिला और दो वर्ष तक के बच्चों को नहीं देनी है। बाकी बच्चाें के लिए चिकित्सीय परामर्श लेना होगा।
  • यदि डाक्सीसाईक्लिन पांच दिन खाने के बाद भी बुखार रहता है तो कोरोना पाजिटिव आने के छठे दिन से एजिथ्रोमाइसिन टैबलेट पांच दिन देना है। ऐसी स्थिति में डाक्टर का परामर्श जरूर लें।
  • विटामिन सी की 500 एमजी की एक टैबलेट दिन में तीन बार 10 दिन तक रोगी को खानी है।
  • जिंक की 50 एमजी की एक गोली दिन में दो बार 10 दिन तक खानी है।
  • विटामिन बी कांप्लेक्स का एक कैपसूल दिन में एक बार 10 दिन तक खाना है।
  • विटाम‍िन डी थ्री -60,000 यूनिट हर सप्ताह में एक बार दूध या पानी के साथ

आक्सीजन सैचुरेशन 94 प्रतिशत से अधिक हो

कोरोना मरीज पल्स आक्सीमीटर से दिन में तीन से चार बार श्वसन दर तथा आक्सीजन सैचुरेशन अवश्य नापें। पल्स आक्सीमीटर से आक्सीजन सैचुरेशन नापें और यह 94 प्रतिशत से अधिक होना चाहिए।

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40 से 50 मिनट तक करें योग व प्राणायाम

कोरोना पॉजिटिव मरीज दिन में योग व प्राणायाम सुबह 40 से 50 मिनट तक करें। सांस से संबंधित योग व व्यायाम करें। अगर आप सहज महसूस कर रहे हों तभी योग करना है अथवा नहीं।

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