बीमारी के नाम पर लोगों में पैदा न करें भय, समाधान पर ध्यान दें : सीएम योगी आदित्यनाथ

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लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औरंगाबाद स्थित स्वास्थ्य ​केंद्र से मुख्यमंत्री आरोग्य मेले की पांचवी कड़ी का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीमारी को लेकर भय न पैदा किया जाये, जबकि उनके समाधान पर ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि, 1977-78 से लेकर 2016 तक हर वर्ष तीन से चार महीने में इंसेफेलाइटिस से 500 से 1500 बच्चों की मौत होती थी। हमारी सरकार की तरफ से चलाए गए वृहद अभियान का नतीजा है कि इस बीमारी के प्रकोप को 56 से 60 फीसदी तक कम करने और मौत के आंकड़ों में 90 फीसदी तक कमी लाने में हम सफल रहे।

Do Not Create Fear In The Mind Of People In The Name Of Illness Focus On Solutions Cm Yogi Adityanath :

सीएम ने कहा कि ऐसे ही डेंगू और कालाजार को भी नियंत्रित किया जा सकता है। आरोग्य मेला की पांचवी कड़ी का शुभारम्भ के बाद इस मले को संचारी रोग नियंत्रण, दस्तक व विशेष जेई टीकाकरण अभियान को जोड़ा गया। इस दौरान सीएम योगी मीडिया से आग्रह किया कि बीमारी के नाम पर लोगों में भय पैदा करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी तक चार आरोग्य मेलों का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें 17 लाख से ज्यादा लोगों को इलाज मिला है।

सीएम योगी ने कहा कि फ्लू कोई बीमारी नहीं है, जैसे ही मौसम बदलता है, तो कोई न कोई जुकाम पकड़ लेता है। वह अपने आप में फ्लू है, जिस कारण यह फैलता है, उसी के नाम पर किसी को स्वाइन फ्लू, तो किसी को बर्ड फ्लू कह दिया जाता है। इससे बचाव को लेकर लोगों को जागरुक करने और समाधान को लेकर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अगर यह फैल भी गया है, तो इसका हौव्वा ना खड़ा करें। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग बेहतर तरीके से कार्य योजना बनाए।

अस्पतालों को पहले से इसकी जानकारी हो और वहां स्पेशल वार्ड बनाए जाएं। जिससे इस पर जीत हासिल की जा सके। सीएम ने कहा कि आज टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो रही है। जिसमें 1 से 15 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और माध्यमिक विद्यालयों में दस्तक अभियान के कार्यकर्ता जाएंगे, जिन्हें टीका नहीं लगा है, उन्हें टीका लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा दूसरा प्रयास होना चाहिए कि स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरुकता पैदा की जाए।

लखनऊ। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने औरंगाबाद स्थित स्वास्थ्य ​केंद्र से मुख्यमंत्री आरोग्य मेले की पांचवी कड़ी का शुभारम्भ किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि बीमारी को लेकर भय न पैदा किया जाये, जबकि उनके समाधान पर ध्यान दिया जाये। उन्होंने कहा कि, 1977-78 से लेकर 2016 तक हर वर्ष तीन से चार महीने में इंसेफेलाइटिस से 500 से 1500 बच्चों की मौत होती थी। हमारी सरकार की तरफ से चलाए गए वृहद अभियान का नतीजा है कि इस बीमारी के प्रकोप को 56 से 60 फीसदी तक कम करने और मौत के आंकड़ों में 90 फीसदी तक कमी लाने में हम सफल रहे। सीएम ने कहा कि ऐसे ही डेंगू और कालाजार को भी नियंत्रित किया जा सकता है। आरोग्य मेला की पांचवी कड़ी का शुभारम्भ के बाद इस मले को संचारी रोग नियंत्रण, दस्तक व विशेष जेई टीकाकरण अभियान को जोड़ा गया। इस दौरान सीएम योगी मीडिया से आग्रह किया कि बीमारी के नाम पर लोगों में भय पैदा करने की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि अभी तक चार आरोग्य मेलों का आयोजन किया जा चुका है, जिसमें 17 लाख से ज्यादा लोगों को इलाज मिला है। सीएम योगी ने कहा कि फ्लू कोई बीमारी नहीं है, जैसे ही मौसम बदलता है, तो कोई न कोई जुकाम पकड़ लेता है। वह अपने आप में फ्लू है, जिस कारण यह फैलता है, उसी के नाम पर किसी को स्वाइन फ्लू, तो किसी को बर्ड फ्लू कह दिया जाता है। इससे बचाव को लेकर लोगों को जागरुक करने और समाधान को लेकर स्वास्थ्य विभाग को अलर्ट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अगर यह फैल भी गया है, तो इसका हौव्वा ना खड़ा करें। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग बेहतर तरीके से कार्य योजना बनाए। अस्पतालों को पहले से इसकी जानकारी हो और वहां स्पेशल वार्ड बनाए जाएं। जिससे इस पर जीत हासिल की जा सके। सीएम ने कहा कि आज टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो रही है। जिसमें 1 से 15 वर्ष तक के बच्चों का टीकाकरण किया जाएगा। सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों और माध्यमिक विद्यालयों में दस्तक अभियान के कार्यकर्ता जाएंगे, जिन्हें टीका नहीं लगा है, उन्हें टीका लगाया जाएगा। उन्होंने कहा कि हमारा दूसरा प्रयास होना चाहिए कि स्वच्छता के प्रति लोगों में जागरुकता पैदा की जाए।