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डिप्रेशन दूर करने के लिए रोज 15 मिनट करें ये 3 योगासन, मिलेंगे गज़ब के फायदे

By आराधना शर्मा 
Updated Date

लखनऊ: डिप्रेशन लगातार उदास या हताश महसूस करते रहने की अवस्था है। अगर यही स्थिति लंबे समय तक बनी रहे तो डिप्रेशन की वजह से कई लक्षण प्रकट होने की संभावना रहती है।

इन लक्षणों में से कुछ आपके मूड को प्रभावित करते हैं तो कुछ आपके शरीर को। इसके अलावा, लक्षणों में भी स्थिरता नहीं होती है, वे कभी-कभी आते हैं और फिर चले जाते हैं।

डिप्रेशन पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को अलग-अलग तरीके से प्रभावित कर सकता है। पुरुषों में होने वाले डिप्रेशन के लक्षणों में शामिल हैं।

मूड संबंधी 

  • गुस्सा
  • आक्रामकता
  • चिड़चिड़ापन
  • चिंता
  • बेचैनी

शरीर संबंधी

  • दर्द
  • सिरदर्द
  • पाचन में समस्या

डिप्रेशन के लिए योग

योग करने के दौरान हमें कुछ आसन करने होते हैं और गहरी सांसें भी लेनी होती हैं। ये क्रियाएं हमारे पैरासिम्पैथेटिक नर्व्स सिस्टम को सक्रिय कर देते हैं। जिससे हमारा शरीर और मन रिलैक्स होने लगता है। योग के दौरान शरीर से टेंशन दूर होने लगती है जबकि मांसपेशियां रिलैक्स होने लगती हैं।

पैरासिम्पैथेटिक नर्व्स सिस्टम के सक्रिय होने से एंड्रोफिंस को रिलीज होने में मदद मिलती है, इन्हें हैप्पी हार्मोंस भी कहा जाता है। योगासन के अभ्यास और प्राणायाम में सांस लेने और छोड़ने से स्ट्रेस, एंग्जाइटी और​ डिप्रेशन को दूर रखने में मदद मिलती है।

बालासन

शरीर को उसी स्थिति में ले जाता है, जिस स्थिति में माता के गर्भ में होता है। मां के गर्भ में रहकर बच्चा जिस स्थिति में 9 महीने तक जन्म लेने का इंतजार करता है। बालासन करते हुए योगी शरीर को उसी स्थिति में ले जाता है।

इस आसन का अभ्यास पूरी तरह से गुरुत्व बल के विपरीत शरीर से जोर लगाते हुए किया जाए तो, कोई भी आसानी से मानसिक, शारीरिक और भावनात्मक राहत पा सकता है।

बालासन, साधारण कठिनाई या बेसिक लेवल का आसन है। इसे विन्यास योग की शैली का आसन माना जाता है। बालासन का अभ्यास 1 से 3 मिनट तक किया जाना चाहिए। इसे करने में किसी किस्म के दोहराव की आवश्यकता नहीं होती है।

भुजंगासन

विन्यास और अष्टांग शैली का योगासन है। ये आसन रीढ़ की हड्डी में खिंचाव लाता है और पूरी बॉडी का पोश्चर सुधारता है। स्पाइन में आने वाला ये खिंचाव शरीर और मन में गहरी संतुष्टि की भावना का विकास करता है।

भुजंगासन के फायदे अनेक हैं। इसके नियमित अभ्यास से​ डिप्रेशन की समस्या को दूर करने में मदद मिल सकती है। भुजंगासन के अभ्यास से पूरे शरीर को खोलने और तनाव को कम करने में मदद मिलती है। आखिर स्वस्थ शरीर में ही तो स्वस्थ मन रहता है।

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