डाक्टरों ने जन्म के बाद काट दिया बच्चें का लिंग

बिहार। भगवान का दूसरा रूप कहे जाने वाले डाक्टर ही अगर किसी की जान के दुश्मन बन जाए तो इसे आप क्या कहेंगे। डाक्टरों की हैवानियत का मामला बिहार के चतरा स्थित एक निजी नर्सिंग होम में देखने को मिला। यहां भर्ती एक महिला ने एक स्वस्थ बच्चें को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद डाक्टरों ने उसके बच्चें का लिंग काटकर शव को गायब कर दिया। यही नही पीड़ित महिला व उसकी मां को अस्पताल से बाहर ​कर दिया। बाद में परिजनों ने हंगामा किया तो डाक्टरों ने कहा कि बच्चा​ अपाहिज पैदा हुआ था, जिसकी मौत हो गई। बाद में बवाल बढ़ा तो डाक्टरों की करतूत उजागर हुई। फिलहाल पुलिस ने आरोपी डाक्टरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है।

Doctor Cut Main Part Of Body Of New Born Baby :

मयुरहंड के बलिया निवासी अनिल पंडा ने बताया कि उन्होंने पत्नी गुड्डी को ओम नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। उन्होने सुरक्षित प्रसव के नाम पर दस हजार भी अस्पताल में जमा किए थें। गुड्डी ने मंगलवार शाम बच्चे को जन्म दिया। पीड़ितों का आरोप है कि इसके बाद प्रसूता और उसकी सास को क्लिनिक से बाहर कर दिया गया। यही नही नवजात के लिंग को काटकर शव को छुपा दिया गया। बच्चा मांगने पर बताया गया कि उसका बच्चा अपाहिज हाल में था इ​सलिए बच्चा नहीं मिलेगा।

फिलहाल डाक्टरों ने बच्चे की मौत के बाद उसका लिंग काटा या फिर उसके जिंदा रहने पर ही ये घटना अंजाम दी गई, फिलहाल इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मिल सकेगी। फिलहाल विहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने चतरा में सिविल सर्जन को इन झोलाछाप डॉक्टरों पर एफआइआर दर्ज कराने और पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। वो इस पूरे मामले की जांच में जुटे है।

बिहार। भगवान का दूसरा रूप कहे जाने वाले डाक्टर ही अगर किसी की जान के दुश्मन बन जाए तो इसे आप क्या कहेंगे। डाक्टरों की हैवानियत का मामला बिहार के चतरा स्थित एक निजी नर्सिंग होम में देखने को मिला। यहां भर्ती एक महिला ने एक स्वस्थ बच्चें को जन्म दिया, लेकिन इसके बाद डाक्टरों ने उसके बच्चें का लिंग काटकर शव को गायब कर दिया। यही नही पीड़ित महिला व उसकी मां को अस्पताल से बाहर ​कर दिया। बाद में परिजनों ने हंगामा किया तो डाक्टरों ने कहा कि बच्चा​ अपाहिज पैदा हुआ था, जिसकी मौत हो गई। बाद में बवाल बढ़ा तो डाक्टरों की करतूत उजागर हुई। फिलहाल पुलिस ने आरोपी डाक्टरों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। मयुरहंड के बलिया निवासी अनिल पंडा ने बताया कि उन्होंने पत्नी गुड्डी को ओम नर्सिंग होम में भर्ती कराया था। उन्होने सुरक्षित प्रसव के नाम पर दस हजार भी अस्पताल में जमा किए थें। गुड्डी ने मंगलवार शाम बच्चे को जन्म दिया। पीड़ितों का आरोप है कि इसके बाद प्रसूता और उसकी सास को क्लिनिक से बाहर कर दिया गया। यही नही नवजात के लिंग को काटकर शव को छुपा दिया गया। बच्चा मांगने पर बताया गया कि उसका बच्चा अपाहिज हाल में था इ​सलिए बच्चा नहीं मिलेगा। फिलहाल डाक्टरों ने बच्चे की मौत के बाद उसका लिंग काटा या फिर उसके जिंदा रहने पर ही ये घटना अंजाम दी गई, फिलहाल इसकी पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही मिल सकेगी। फिलहाल विहार सरकार के स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी ने चतरा में सिविल सर्जन को इन झोलाछाप डॉक्टरों पर एफआइआर दर्ज कराने और पूरे मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। वो इस पूरे मामले की जांच में जुटे है।