45 साल से बाघ का मास्क लगाकर घूम रहे इस व्यक्ति पर बनी डॉक्युमेंट्री

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45 साल से बाघ का मास्क लगाकर घूम रहे इस व्यक्ति पर बनी डॉक्युमेंट्री

नई दिल्ली। एशियाई देश जापान की राजधानी टोक्यो में योशिरो हरदा (69) बीते 45 साल से बाघ का मास्क लगाकर घूम रहे हैं। दरअसल, योशीरो जब 24 साल के थे तब उन्होंने अपना पूरा जीवन टाइगर की तरह जीने का फैसला किया। हमेशा टाइगर का मास्क पहनने की वजह से उन्हें ‘शिंजुकु टाइगर’ के नाम से भी जाना जाता है।

Documentary Made On This Person Roaming With Tiger Mask For 45 Years :

दरअसल, योशीरो का जन्म नगानो में हुआ था लेकिन 1967 में पढ़ाई के सिलसिले में वे राजधानी टोक्यो आए। यहां उन्होंने डाइटो बुनका यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। इसके साथ ही उन्होंने अखबार बांटने का काम भी शुरू किया। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और नौकरी करने लगे।

बता दें साल 1972 में योशिरो हरदा टोक्यो के शिंजुकु में होने वाले श्राइन फेस्टिवल में गए। वहां उन्होंने एक दुकानदार को टाइगर के कलरफुल मास्क बेचते देखा और इसे देखकर ही उन्हें टाइगर की तरह जीने का आइडिया आया। योशिरो ने उस दुकान से टाइगर के 30 मास्क खरीदे। उस दिन के बाद से योशिरो हमेशा से टाइगर का मास्क लगाए हुए हैं। फिर चाहे वे ऑफिस में हों या घर पर खाली बैठे हों। योशिरो अपने चेहरे टाइगर का मास्क तभी हटाते हैं जब बहुत ज्यादा जरूरी हो।

यही नहीं इस बात की जानकारी किसी को नहीं है कि योशिरो को टाइगर का मास्क पहनने के लिए किसने प्रेरित किया, लेकिन एक इंटरव्यू में उन्होंने इसके पीछे अपने स्वभाव को कारण बताया था। उनका कहना था कि वे टाइगर का मास्क इसलिए पहनते हैं ताकि वे लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें। उन्होंने ये भी कहा था कि वे दुनिया को बचाना चाहते हैं। मास्क के अलावा योशिरो गुलाबी विग और अजीबो-गरीब कपड़े भी पहनते हैं। अपने साथ दर्जनों सॉफ्ट टॉय रखते हैं। वे अपने साथ करीब 10 किलो का सामान हमेशा लेकर घूमते हैं।

वहीं, योशिरो सुबह 3.30 बजे उठ जाते हैं और मास्क लगाकर 5 बजे अखबार बांटने चले जाते हैं। इसके बाद दोपहर 3 बजे दोबारा वे अखबार बांटने निकल जाते हैं। खाली समय में वे फिल्म देखने जाते हैं या अपने दोस्तों के साथ एन्जॉय करते हैं। 69 साल की उम्र में भी योशिरो स्फूर्ति के साथ काम करते हैं।

गौर करने की बात ये है कि योशिरो के जीवन पर आधारित ‘शिंजुकु टाइगर’ के नाम से एक डॉक्युमेंट्री फिल्म भी बन चुकी है। इसमें योशिरो के शिंजुकु टाइगर बनने की कहानी और उनके डेली रूटीन के बारे में बताया गया है। योशिरो ने एक इंटरव्यू में बताया था कि 45 साल पहले उन्होंने जो 30 मास्क खरीदे थे, उनमें से 10 अभी भी उनके पास बचे हैं।

नई दिल्ली। एशियाई देश जापान की राजधानी टोक्यो में योशिरो हरदा (69) बीते 45 साल से बाघ का मास्क लगाकर घूम रहे हैं। दरअसल, योशीरो जब 24 साल के थे तब उन्होंने अपना पूरा जीवन टाइगर की तरह जीने का फैसला किया। हमेशा टाइगर का मास्क पहनने की वजह से उन्हें 'शिंजुकु टाइगर' के नाम से भी जाना जाता है। दरअसल, योशीरो का जन्म नगानो में हुआ था लेकिन 1967 में पढ़ाई के सिलसिले में वे राजधानी टोक्यो आए। यहां उन्होंने डाइटो बुनका यूनिवर्सिटी में एडमिशन लिया। इसके साथ ही उन्होंने अखबार बांटने का काम भी शुरू किया। हालांकि, कुछ समय बाद उन्होंने पढ़ाई छोड़ दी और नौकरी करने लगे। बता दें साल 1972 में योशिरो हरदा टोक्यो के शिंजुकु में होने वाले श्राइन फेस्टिवल में गए। वहां उन्होंने एक दुकानदार को टाइगर के कलरफुल मास्क बेचते देखा और इसे देखकर ही उन्हें टाइगर की तरह जीने का आइडिया आया। योशिरो ने उस दुकान से टाइगर के 30 मास्क खरीदे। उस दिन के बाद से योशिरो हमेशा से टाइगर का मास्क लगाए हुए हैं। फिर चाहे वे ऑफिस में हों या घर पर खाली बैठे हों। योशिरो अपने चेहरे टाइगर का मास्क तभी हटाते हैं जब बहुत ज्यादा जरूरी हो। यही नहीं इस बात की जानकारी किसी को नहीं है कि योशिरो को टाइगर का मास्क पहनने के लिए किसने प्रेरित किया, लेकिन एक इंटरव्यू में उन्होंने इसके पीछे अपने स्वभाव को कारण बताया था। उनका कहना था कि वे टाइगर का मास्क इसलिए पहनते हैं ताकि वे लोगों के चेहरे पर मुस्कान ला सकें। उन्होंने ये भी कहा था कि वे दुनिया को बचाना चाहते हैं। मास्क के अलावा योशिरो गुलाबी विग और अजीबो-गरीब कपड़े भी पहनते हैं। अपने साथ दर्जनों सॉफ्ट टॉय रखते हैं। वे अपने साथ करीब 10 किलो का सामान हमेशा लेकर घूमते हैं। वहीं, योशिरो सुबह 3.30 बजे उठ जाते हैं और मास्क लगाकर 5 बजे अखबार बांटने चले जाते हैं। इसके बाद दोपहर 3 बजे दोबारा वे अखबार बांटने निकल जाते हैं। खाली समय में वे फिल्म देखने जाते हैं या अपने दोस्तों के साथ एन्जॉय करते हैं। 69 साल की उम्र में भी योशिरो स्फूर्ति के साथ काम करते हैं। गौर करने की बात ये है कि योशिरो के जीवन पर आधारित 'शिंजुकु टाइगर' के नाम से एक डॉक्युमेंट्री फिल्म भी बन चुकी है। इसमें योशिरो के शिंजुकु टाइगर बनने की कहानी और उनके डेली रूटीन के बारे में बताया गया है। योशिरो ने एक इंटरव्यू में बताया था कि 45 साल पहले उन्होंने जो 30 मास्क खरीदे थे, उनमें से 10 अभी भी उनके पास बचे हैं।