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बंगाल मेंं अम्फान से लगा दोेहरा झटका, ममता ने रेलवे से कहा- 26 मई तक श्रमिक स्पेशल ट्रेनें न भेजें

Dohra Shock In Bengal Due To Amfan Mamta Told Railways Do Not Send Labor Special Trains Till May 26

महाचक्रवात अम्फान की वजह से पश्चिम बंगाल को दोहरा झटका लगा है। कोरोना वायरस और अब अम्फान ने बंगाल के जन-जीवन को बुरी तरह से प्रभावित किया है। इस बीच राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रेलवे को पत्र लिखकर रेलवे को पत्र लिखकर चक्रवात अम्फान के कारण 26 मई तक राज्य में श्रमिक विशेष ट्रेनें नहीं भेजने को कहा है। बता दें कि अम्फान की तबाही से राज्य में करीब 80 लोगों की मौत हो चुकी है और लाखों-करोड़ों की संपत्ति का नुकसान हुआ है।

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मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि जिला प्रशासन चक्रवात अम्फान के बाद राहत, पुनर्वास के काम में लगा है और यही वजह है कि वह अगले कुछ दिनों तक विशेष ट्रेनों की अगवानी नहीं कर पाएगा। बता दें कि केंद्र सरकार द्वारा बार-बार ऐसा कहा जा रहा है कि बंगाल की ममता सरकार श्रमिकों के लिए चलाई जा रही स्पेशल ट्रेनों को नहीं आने दे रही है।

पत्र में कहा गया है, ‘जैसा कि आप जानते हैं पश्चिम बंगाल 20 मई -21 मई को आए सुपर साइक्लोन अम्फान से गंभीर रूप से प्रभावित हुआ है, जिससे बुनियादी ढांचे को गंभीर नुकसान पहुंचा है। चूंकि जिला प्रशासन राहत और पुनर्वास कार्यों से लगा हुआ है, इसलिए इनके लिए श्रमिक स्पेशल ट्रेनों की आगवानी करना संभव नहीं होगा। इसलिए 26 मई तक राज्य में कोई ट्रेन न भेजी जाएगा।’

दरअसल, गृह मंत्री अमित शाह ने एक पत्र में आरोप लगाया था कि बंगाल अपने प्रवासियों को लौटने की अनुमति नहीं दे रहा है। बाद में यह तय किया गया कि इन ट्रेनों के परिचालन के लिए गंतव्य राज्य की सहमति लेना जरूरी नहीं है।

कोरोना वायरस के मद्देनजर लागू लॉकडाउन के बीच प्रवासी मजदूरों को घर भेजने के लिए श्रमिक विशेष रेलगाड़ी सेवा शुरू करने के बाद सबसे कम रेलगाड़ियां पश्चिम बंगाल में ही भेजी गई हैं। एक मई से अब तक करीब 2,000 श्रमिक स्पेशल ट्रेनें चलाई गई हैं जिनमें 31 लाख प्रवासी मजदूरों को उनके गृह राज्य पहुंचाया गया। बंगाल में अब तक करीब 25 रेलगाड़ियां आईं हैं।

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इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी चक्रवात अम्फान के कारण पश्चिम बंगाल में बड़े पैमाने पर हुई तबाही के बाद राज्य में स्थिति का जायजा लेने के लिए शुक्रवार को कोलकाता गए थे और पुन: स्थापन कार्य के लिए 1,000 करोड़ रुपये की अग्रिम सहायता की घोषणा की थी। राज्य में राष्ट्रीय आपदा में मरने वालों की संख्या 80 पर पहुंच गई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और राज्यपाल जगदीप धनखंड के साथ मिलकर चक्रवात से प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण किया और समीक्षा बैठक की।

बैठक से पहले ममता बनर्जी ने मांग की कि अम्फान को राष्ट्रीय आपदा घोषित किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य को 100 साल में आए सबसे भयंकर तूफान के कारण एक लाख करोड़ रुपये तक का नुकसान हुआ है। उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री ने 1,000 करोड़ रुपये की आपात निधि की घोषणा की है…यह क्या पैकेज है मुझे नहीं पता। मैंने उन्हें बताया कि हम उन्हें ब्योरे उपलब्ध कराएंगे। संपूर्ण स्थिति का आकलन करने में कुछ समय लगेगा लेकिन नुकसान एक लाख करो़ड़ से ज्यादा है।’

दरअसल, बुधवार रात पश्चिम बंगाल के कई जिलों में चक्रवात अम्फान के गुजरने के बाद लाखों लोग बेघर हो गए जहां हजारों पेड़ उखड़ गए, झोपड़ियां उजड़ गईं और निचले इलाके डूब गए। राज्य के कुछ हिस्सों में, कई घर मलबे में तब्दील हो गए और खेत जलमग्न हो गए।

कोलकाता और उत्तर एवं दक्षिण 24 परगना में बिजली एवं मोबाइल सेवा भले ही बहाल हो गई लेकिन शहर के बड़े हिस्से में अब भी बिजली की आपूर्ति ठप है। यहां बिजली के खंभे और संचार लाइन अत्यंत तेज हवाओं के कारण उखड़ गए। इस बीच, राज्य की राजधानी समेत कई हिस्सों में राहत और बिजली एवं पेयजल की आपूर्ति की मांग को लेकर प्रदर्शन हुए।

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