डोकलाम विवाद: चीन और भारत की सेनाएं हटेंगी पीछे

डोकलाम विवाद: चीन और भारत की सेनाएं हटेंगी पीछे

नई दिल्ली। डोकलाम को लेकर चीन और भारत की सेनाओं के बीच बनी टकराव की स्थिति नियंत्रण में आ चुकी है। दोनों देशों के बीच चली हफ्तों लंबी कूटनीतिक चर्चा के बाद चीन पीछे हटने को तैयार हो गया है। एमईए की ओर से भी इस बात की जानकारी दी जा रही है कि चीन से कूटनीतिक चर्चा जारी है। दोनों ही देश डोकलाम विवाद का हल बातचीत के जरिए ही निकालने को तैयार हैं।

सूत्रों की माने तो ब्रिक्स सम्मेलन को लेकर लंबित प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के चीन दौरे से ठीक पहले चीन की ओर से नरमी भरा संकेत सामने आया है। माना जा रहा है कि भारत की मजबूत विदेश नीति के चलते ही चीन को पीछे हटना पड़ा है। इस पूरे मामले में भारत के मिले भूटान के साथ ने डोकलाम विवाद में भारत की स्थिति को मजबूत ​बना दिया।

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वैश्विक नजरिए से देखा जाए तो डोकलाम विवाद को लेकर दुनिया भर के देशों ने चीन का विरोध किया था। वैश्विक मीडिया में चीन की ओर से डोकलाम को लेकर दिखाई जा रही हेकड़ी को उसकी जमीन कब्जाने की भूख के रूप में दिखाया गया। हालांकि इस बीच भारत ने भी चीन के आगे बिना झुके बातचीत के जरिए इस समस्या का हल निकालने के मुद्दे पर डंटे रहकर स्थिति पर अपनी पकड़ बनाए रखी।

सूत्रों की माने तो डोकलाम को विवादित भूमि मानते हुए दोनों देशों की सेनाओं ने पीछे हटने का मन बना लिया है। इस क्रम में दोनों देशों के सैनिकों की वापसी भी शुरू हो गई है। अब तक सामने आई रिपोर्ट्स के मुताबिक भारत के 350 सैनिक और चीन की ओर से 450 सैनिकों की मौजूदगी बताई गई है।

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वहीं भारत चीन के संबन्धों के जानकारों की माने तो सीमा विवाद को लेकर चीन की विश्वसनीयता हमेशा से ही संदेहस्पद रही है। जब तक चीनी सेना पीछे हटना शुरू नहीं करती और चीनी सरकार आधिकारिक रूप से सेना हटाने की बात नहीं करती तब तक चीन की बातों पर विश्वास नहीं किया जा सकता।

Doklam

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