डॉली बिंद्रा का आरोप, राधे मां को बचा रहा है केन्द्रीय मंत्री

चंडीगढ़: मुंबई की विवादित धर्मगुरु राधे मां पर यौन उत्पीड़न का आरोप लगाने वाली अभिनेत्री डॉली बिंद्रा ने आरोप लगाया है कि राधे मां को एक केन्द्रीय मंत्री बचा रहा है। उन्होंने कहा कि मुंबई से लेकर पंजाब तक कई मामले दर्ज हैं, लेकिन फिर भी पुलिस राधे मां के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। डॉली बिंद्रा ने आरोप लगाया है कि केंद्रीय राज्य मंत्री विजय सांपला राधे मां को बचा रहे हैं। हालांकि विजय सांपला ने डॉली के बयान को सिरे से खारिज करते हुए उसे पब्लिसिटी स्टंट करार दिया है।

डॉली के मुताबिक केंद्र सरकार में मंत्री विजय सांपला राधे मां को बचा रहे हैं। सांपला के दबाव के चलते ही पुलिस राधे मां के खिलाफ सही से जांच नहीं कर रही है। डॉली ने ये भी आरोप लगाया कि सांपला के दबाव के चलते ही चंडीगढ़ पुलिस ने उनकी शिकायत पर राधे मां के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं कर रही है।

गौरतलब है कि विजय सांपला मोदी सरकार में सामाजिक न्याय और सशक्तीकरण मंत्री हैं और होशियारपुर से बीजेपी के सांसद भी हैं। सांपला राधे मां के समर्थक हैं और साथ ही राधे मां भी होशियारपुर की ही रहने वाली हैं। आपको बता दें कि इससे पहले विजय सांपला यह भी कह चुके हैं कि राधे मां को देवी कहने में उन्हें कोई हर्ज नहीं है। कुछ समय पहले सांपला ने कहा था, राधे मां को देवी कहने में कोई हर्ज नहीं, मेरे हिसाब से उन्होंने कोई गलती नहीं की। एफआईआर दर्ज होने का मतलब क्रिमिनल नहीं होता।

आपको बता दें कि डॉली बिंद्रा ने मुंबई पुलिस व पंजाब पुलिस के बाद अब यूटी पुलिस (संघ शासित) को शिकायत दी है। शिकायत डॉली बिन्द्रा ने कहा कि राधे मां उर्फ सुखविंदर कौर के इशारे पर उनके साथ दुष्कर्म का प्रयास हुआ था। डॉली बिंद्रा ने आरोप लगाते हुए कहा है कि राधे मां ने करीब पच्चीस वर्षीय नीतेश नामक युवक के साथ उन पर यौन संबंध बनाने का दबाव डाला था। राधे मां के इशारे पर नीतेश ने उनके शरीर को छूने और उनपर गिरने का प्रयास किया था। डॉली बिंद्रा ने बताया है कि यह सब उनके साथ बीते वर्ष अप्रैल माह में सेक्टर-36 निवासी पंजाब पुलिस के एक रिटायर्ड उच्चाधिकारी के घर पर आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में हुआ। सब कुछ कमरे में हुआ था वे शोर भी नहीं मचा सकी थीं। राधे मां व रिटायर्ड पुलिस अधिकारी का घर होने की वजह से इतने दिनों तक चुप रही थीं।

यूटी पुलिस के उच्चाधिकारियों ने मामले की जांच के लिए चार सदस्यीय स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) गठित की है। जो एएसपी साउथ डॉक्टर नवदीप सिंह बराड़ के नेतृत्व में जांच कर पता लगाएगी कि डॉली बिंद्रा द्वारा राधे मां पर लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं। एसआइटी टीम में एक महिला इंस्पेक्टर भी शामिल हैं। बिंद्रा ने यूटी पुलिस के आईजीपी व एसएसपी से इस मामले की शिकायत की है। जिसकी जांच थाना-36 पुलिस को सौंपी गई।

बिंद्रा का आरोप है कि वह बयान दर्ज करवाने के लिए जब थाने गई तो उसे दिनभर बिठाकर रखा गया और बयान भी दर्ज नहीं किया। बिंद्रा ने बताया है कि 28 सितंबर को एसएसपी विंडो के माध्यम से शिकायत की थी, लेकिन जांच आगे नहीं बढ़ी है। बिंद्रा का कहना है कि कुछ लोगों राधे मां को बचाने के प्रयास में लगे हैं। उल्लेखनीय है बिंद्रा इससे पूर्व मुंबई व होशियारपुर जिले की मुकेरियां पुलिस को इस आशय की शिकायत कर चुकी है।