‘व्हाइट हाउस’ से कम नहीं है डोनाल्ड ट्रंप का यह विमान, जाने क्या है खासियत

'व्हाइट हाउस' से कम नहीं है डोनाल्ड ट्रंप का यह विमान, जाने क्या है खासियत
'व्हाइट हाउस' से कम नहीं है डोनाल्ड ट्रंप का यह विमान, जाने क्या है खासियत

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति यानि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पहुंच चुके हैं। बात की जाये तो उनकी सुरक्षा की तो पूरी तरह से चाकचौबंद रहती हैं, फिर चाहे वो हवा में हों या जमीन पर। बात की जाए जमीन पर तो वे बीस्ट पर सवार होते हैं, वहीं हवाई यात्रा के लिए इस्तेमाल करते हैं एयरफोर्स वन का, जो चलते-फिरते व्हाइट हाउस के नाम से भी मशहूर है। एयरफोर्स वन में तमाम सुविधाएं मौजूद हैं और उनके इस विमान को कोई परिंदा भी छू नहीं सकता। आइये जानते हैं जिस विमान से वो भारत दौरे पर आए हैं उस्कीखासियत के बारे में….

Donald Trump Air Force One Plane Is The Flying White House Know What Is New :

डोनाल्ड ट्रंप के विमान की खासियत

राष्ट्रपति स्टाफ

राष्ट्रपति स्टाफ सहयोगियों के लिए कार्यस्थल है, जहां पर वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए कमरा और एक अन्य मीटिंग रूम है, जिसे अस्पताल में बदला जा सकता है।
यह कमरा खींचकर बदली जाने वाली टेबलों से भरा होता है, जिसमें दवाओं से भरी अलमारी के साथ डॉक्टर-नर्स भी होते हैं।

पत्रकार

पत्रकार विमान के पिछले हिस्से में बैठते हैं। इस हिस्से को नीले कारपेट और बिजनेस क्लास सीटों से सजाया गया है।
प्रत्येक बैठने के क्षेत्र में हेडफोन के साथ फ्लैट टीवी है, जिसमें फिल्मों और गानों का आनंद लिया जा सकता है।
एयरफोर्स वन के रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी प्रेसिडेंशियल एयरलिफ्ट ग्रुप की होती है।
यह ग्रुप व्हाइट हाउस मिलिट्री ऑफिस का हिस्सा होता है।
एयरलिफ्ट ग्रुप को 1944 में प्रेसिडेंशियल पायलट ऑफिस के रूप में अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रेंकलिन डी रूजवेल्ट के निर्देश पर स्थापित किया गया।

डाईनिंग कक्ष

यह ध्वनिरहित कमरा है, जिसमें 50 इंच का प्लाजा टीवी और वीडियो कांफ्र्रेंंसग के लिए तकनीक उपलब्ध है।
राष्ट्रपति द्वारा देश को संबोधित करने की भी सुविधा है।

बता दें कि यह विमान की लगभग पूरी लंबाई के साथ चलता है।
इसमें रक्षा उपकरण, रडार जैमर, रेडियो एंटीना और साइबर हमले या मिसाइल हमले को पहचानने के लिए सेंसर होते हैं।
इसमें चार स्टाफ मॉनिटर हवा से हवा, हवा से जमीन के साथ सेटेलाइट संचार एक उच्च तकनीकी कमरे में हैं।
इसमें 19 टीवी स्क्रीन लगी हैं।
ईंधन भरने का स्थान
विमान में हवा में ईंधन भरने की सुविधा है।
भोजन और पानी होने पर यह लंबे समय तक हवा में रह सकता है।

बेहद खास है सूइट

यहां पर सोफों को बटन दबाते ही बिस्तर में बदला जा सकता है।
ओबामा के बच्चों के लिए विशेष टीवी और वीडियो खेल की व्यवस्था की गई थी।

रेस्टोरेंट की तरह है रसोई

रेस्टोरेंट की तरह की रसोई है।
इसमें दो गैलेरी में पांच शेफ 100 लोगों का भोजन तैयार कर सकते हैं।

चालक दल: 26, 2 पायलट, फ्लाइट इंजीनियर, नेविगेटर और अन्य चालक दल
क्षमता : 76 यात्री
लंबाई : 231 फीट 5 इंच
डैनों का फैलाव : 195 फीट 8 इंच
ऊंचाई: 63 फीट 5 इंच
विद्युत संयंत्र: चार जनरल इलेक्ट्रिक सीएफ-6-80सी2बी1 टर्बोफैंस
ऐसा है प्रदर्शन
सर्वाधिक गति: 630 मील प्रति घंटा 35000 फीट की ऊंचाई पर
क्रूज स्पीड: 575 मील प्रति घंटा 35000 फीट की ऊंचाई पर
दूरी तय क्षमता: 6800 मील
अधिकतम ऊंचाई: 45100 फीट
विमान की प्रति घंटा यात्रा लागत: 181000 डॉलर (करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये)

नई दिल्ली। दुनिया के सबसे शक्तिशाली देश के राष्ट्रपति यानि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत पहुंच चुके हैं। बात की जाये तो उनकी सुरक्षा की तो पूरी तरह से चाकचौबंद रहती हैं, फिर चाहे वो हवा में हों या जमीन पर। बात की जाए जमीन पर तो वे बीस्ट पर सवार होते हैं, वहीं हवाई यात्रा के लिए इस्तेमाल करते हैं एयरफोर्स वन का, जो चलते-फिरते व्हाइट हाउस के नाम से भी मशहूर है। एयरफोर्स वन में तमाम सुविधाएं मौजूद हैं और उनके इस विमान को कोई परिंदा भी छू नहीं सकता। आइये जानते हैं जिस विमान से वो भारत दौरे पर आए हैं उस्कीखासियत के बारे में.... डोनाल्ड ट्रंप के विमान की खासियत राष्ट्रपति स्टाफ राष्ट्रपति स्टाफ सहयोगियों के लिए कार्यस्थल है, जहां पर वरिष्ठ कर्मचारियों के लिए कमरा और एक अन्य मीटिंग रूम है, जिसे अस्पताल में बदला जा सकता है। यह कमरा खींचकर बदली जाने वाली टेबलों से भरा होता है, जिसमें दवाओं से भरी अलमारी के साथ डॉक्टर-नर्स भी होते हैं। पत्रकार पत्रकार विमान के पिछले हिस्से में बैठते हैं। इस हिस्से को नीले कारपेट और बिजनेस क्लास सीटों से सजाया गया है। प्रत्येक बैठने के क्षेत्र में हेडफोन के साथ फ्लैट टीवी है, जिसमें फिल्मों और गानों का आनंद लिया जा सकता है। एयरफोर्स वन के रखरखाव और संचालन की जिम्मेदारी प्रेसिडेंशियल एयरलिफ्ट ग्रुप की होती है। यह ग्रुप व्हाइट हाउस मिलिट्री ऑफिस का हिस्सा होता है। एयरलिफ्ट ग्रुप को 1944 में प्रेसिडेंशियल पायलट ऑफिस के रूप में अमेरिकी राष्ट्रपति फ्रेंकलिन डी रूजवेल्ट के निर्देश पर स्थापित किया गया। डाईनिंग कक्ष यह ध्वनिरहित कमरा है, जिसमें 50 इंच का प्लाजा टीवी और वीडियो कांफ्र्रेंंसग के लिए तकनीक उपलब्ध है। राष्ट्रपति द्वारा देश को संबोधित करने की भी सुविधा है। बता दें कि यह विमान की लगभग पूरी लंबाई के साथ चलता है। इसमें रक्षा उपकरण, रडार जैमर, रेडियो एंटीना और साइबर हमले या मिसाइल हमले को पहचानने के लिए सेंसर होते हैं। इसमें चार स्टाफ मॉनिटर हवा से हवा, हवा से जमीन के साथ सेटेलाइट संचार एक उच्च तकनीकी कमरे में हैं। इसमें 19 टीवी स्क्रीन लगी हैं। ईंधन भरने का स्थान विमान में हवा में ईंधन भरने की सुविधा है। भोजन और पानी होने पर यह लंबे समय तक हवा में रह सकता है। बेहद खास है सूइट यहां पर सोफों को बटन दबाते ही बिस्तर में बदला जा सकता है। ओबामा के बच्चों के लिए विशेष टीवी और वीडियो खेल की व्यवस्था की गई थी। रेस्टोरेंट की तरह है रसोई रेस्टोरेंट की तरह की रसोई है। इसमें दो गैलेरी में पांच शेफ 100 लोगों का भोजन तैयार कर सकते हैं। चालक दल: 26, 2 पायलट, फ्लाइट इंजीनियर, नेविगेटर और अन्य चालक दल क्षमता : 76 यात्री लंबाई : 231 फीट 5 इंच डैनों का फैलाव : 195 फीट 8 इंच ऊंचाई: 63 फीट 5 इंच विद्युत संयंत्र: चार जनरल इलेक्ट्रिक सीएफ-6-80सी2बी1 टर्बोफैंस ऐसा है प्रदर्शन सर्वाधिक गति: 630 मील प्रति घंटा 35000 फीट की ऊंचाई पर क्रूज स्पीड: 575 मील प्रति घंटा 35000 फीट की ऊंचाई पर दूरी तय क्षमता: 6800 मील अधिकतम ऊंचाई: 45100 फीट विमान की प्रति घंटा यात्रा लागत: 181000 डॉलर (करीब 1 करोड़ 30 लाख रुपये)