ट्रंप की ईरान को धमकी, युद्ध लड़ा तो मिट जाएगा पूरा देश

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ट्रंप की ईरान को धमकी, युद्ध लड़ा तो मिट जाएगा पूरा देश

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने अमेरिकी हितों पर हमला किया तो उसे तबाह कर दिया जाएगा। ट्रम्प ने रविवार को ट्वीट किया, “अगर ईरान लड़ना चाहता है, तो यह ईरान का आधिकारिक अंत होगा। अमेरिका को फिर कभी धमकी मत देना।”

Donald Trump Threat To Iran Never Threaten The United States Again :

वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव चरम पर है और अमेरिका ने एक कैरियर ग्रुप तथा बी-52 बॉम्बर को खाड़ी में तैनात कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने शनिवार को कहा था, ‘कोई युद्ध नहीं होगा क्योंकि न तो हम लड़ाई चाहते हैं और न ही किसी को भ्रम है कि वह इस क्षेत्र में ईरान का सामना कर सकते हैं।’

इससे पहले अमेरिकी राजनयिकों ने आगाह किया था कि फारस की खाड़ी के ऊपर से गुजरने वाले कमर्शल विमानों को जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में जारी की गई जब ईरान ने कहा था कि वह खाड़ी देशों में अमेरिकी जहाजों को आसानी से निशाना बना सकता है। गौरतलब है कि पहले भी ईरान कहता रहा है कि वह तेल की आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग (हॉर्मूज जलडमरूमध्य) को बंद कर सकता है।

तनाव की वजह

ओबामा प्रशासन के समय में ईरान के साथ पी5+1 देशों, जर्मनी और यूरोपीय संघ की न्यूक्लियर डील पर सहमति बनी थी लेकिन राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिका की नई सरकार इस डील से हट गई है। इसके बाद ईरान पर फिर से अमेरिका द्वारा कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि उसने अमेरिकी हितों पर हमला किया तो उसे तबाह कर दिया जाएगा। ट्रम्प ने रविवार को ट्वीट किया, "अगर ईरान लड़ना चाहता है, तो यह ईरान का आधिकारिक अंत होगा। अमेरिका को फिर कभी धमकी मत देना।" वॉशिंगटन और तेहरान के बीच तनाव चरम पर है और अमेरिका ने एक कैरियर ग्रुप तथा बी-52 बॉम्बर को खाड़ी में तैनात कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जावेद जरीफ ने शनिवार को कहा था, 'कोई युद्ध नहीं होगा क्योंकि न तो हम लड़ाई चाहते हैं और न ही किसी को भ्रम है कि वह इस क्षेत्र में ईरान का सामना कर सकते हैं।' इससे पहले अमेरिकी राजनयिकों ने आगाह किया था कि फारस की खाड़ी के ऊपर से गुजरने वाले कमर्शल विमानों को जोखिम का सामना करना पड़ सकता है। यह चेतावनी ऐसे समय में जारी की गई जब ईरान ने कहा था कि वह खाड़ी देशों में अमेरिकी जहाजों को आसानी से निशाना बना सकता है। गौरतलब है कि पहले भी ईरान कहता रहा है कि वह तेल की आपूर्ति के लिहाज से महत्वपूर्ण इस समुद्री मार्ग (हॉर्मूज जलडमरूमध्य) को बंद कर सकता है। तनाव की वजह ओबामा प्रशासन के समय में ईरान के साथ पी5+1 देशों, जर्मनी और यूरोपीय संघ की न्यूक्लियर डील पर सहमति बनी थी लेकिन राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप के नेतृत्व वाली अमेरिका की नई सरकार इस डील से हट गई है। इसके बाद ईरान पर फिर से अमेरिका द्वारा कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।