दशहरे पर भूल से भी ना करें ये काम..

नई दिल्ली| बुराई पर अच्छाई की जीत का ये त्यौहार पूरे भारतवर्ष में बड़ी धूमधाम से मनाया जाता है। हिन्दू धर्म के अनुसार इस त्यौहार को माता दुर्गा और भगवान राम से जोड़कर देखा जाता है। इस त्यौहार के लिए मान्यता है कि मां दुर्गा ने लगातार 9 दिनों तक महिषासुर से युद्ध कर दसवें दिन उसका वध किया था, इसीलिए नवरात्रि के बाद इसे दुर्गा के नौ शक्ति रूप के विजय-दिवस के रूप में विजया-दशमी के नाम से मनाया जाता है। साथ ही भगवन श्री राम ने नौ दिन तक रावण से युद्ध कर के दसवें दिन ही रावण का वध किया था, इसलिए इस दिन को भगवान श्रीराम के संदर्भ में भी विजय-दशमी के रूप में मनाते हैं। इस दिन रावण का वध हुआ था, जिसके दस सिर थे, इसलिए इस दिन को दशहरा यानी दस सिर वाले के प्राण हरण होने वाले दिन के रूप में भी मनाया जाता है।




रावण के बारे में जब भी बात होती है हमें यही सुनने को मिलता है की रावण एक बहुत ग्यानी, प्रतापी लेकिन दुष्ट राक्षस था। उसे अपनी शक्तियों पर बहुत घमंड था और उसकी एक गलती की वजह से उसका घमंड चूर-चूर हो गया और उसकी सोने की लंका जलकर राख हो गयी। रावण की पत्नी मंदोदरी को उसके अंजाम का अंदाजा शायद पहले ही हो गया था, इसीलिए वह अपने पति रावण से आग्रह करती थी कि वो सीता को वापस कर के भगवान् राम से माफ़ी मांग ले लेकिन रावण ने अपनी पत्नी की एक ना सुनी और अंत में रावण की ही हार हुई।

हिन्दू धर्म में दशहरा यानी विजय दशमी ऐसा त्‍योहार है जिस दिन क्षत्रिय शस्‍त्र-पूजा करते हैं जबकि ब्राम्‍हण उसी दिन शास्‍त्र-पूजा करते हैं। पुराने समय की मान्यता के अनुसार जब राजा-महराजा लोग दूसरे राज्य पे कब्जा करना चाहते थे, तो इसी दिन दशहरे का ही चुनाव करते थे। ऐसा इसलिए था क्योंकि हिंदू धर्म की मान्‍यतानुसार इस दिन जो भी काम किया जाता है, उसमें विजय यानी सफलता प्राप्‍त होती है और इसी मान्‍यता के कारण ही व्‍यापारी लोग किसी नए व्‍यापार या प्रतिष्‍ठान का उद्घाटन करने या शुरूआत करने के लिए इस दिन को उतना ही महत्‍व देते हैं जितना दीपावली के बाद लाभ पांचम अथवा दीपावली से पहले धनतेरस को देते हैं।

दशहरे पर भूल से भी ना करें ये काम:

*विजया दशमी के खास पर्व पर शादी करने की सोच रहे हैं तो ध्यान रहे ऐसी गलती भूलकर भी न करें क्योंकि विजया दशमी के दिन विवाह नहीं करना चाहिए ऐसा करना अच्छा नहीं होता है।
*दशहरा के दिन किसी भी तरह का पाप न करें ऐसा करना आपके आने वाले समय दोगुना प्रभाव पड़ेगा।
*किसी भी तरीके से निर्बल व दुर्बल व्यक्ति पर अपनी ताकत का पद के इस्तेमाल से नुकसान पहुंचना भी गलत होता है।
*पूर्ण भावना का इस्तेमाल करके या खुद के लिए किये गए ऐसे कार्य जो कि अन्य व्यक्ति को नुकसान पहुंचाए, ऐसे पाप भरे कर्मों से आपको बचना चाहिए।
*दशहरा के दिन पेड़ काटना अशुभ होता है। ऐसा करना स्वास्थ्य के लिए कई गुना अधिक अशुभ होता है।
*आमतौर पर किसी लड़की या महिला पर हाथ उठाना पाप होता है लेकिन खासतौर पर अगर आप दशहरा के दिन ऐसा घिनौना काम करते हैं तो मां दुर्गा और धन की देवी लक्ष्मी नाराज होती है।
*आप इस दिन भूलकर भी किसी जीव, पशु-पक्षी को न मारे क्योंकि ऐसा करना खुद के भाग्य को मारने के बराबर होता है।

रिपोर्ट: आस्था सिंह