दहेज के लिए मां-बेटी की हत्या, रजाई में छिपा दिया था शव

गोरखपुर: दहेज के लिए विवाहिता और उसके ढाई साल की बच्ची की ससुराल वालों ने हत्या कर दी। हत्यारों ने मृतका के डेढ़ माह के बच्चे को बख्श दिया। मृतका के शव पर चोट के निशान मिले हैं। ढ़ाई साल की बच्ची का शव तीन रजाई के नीचे छुपा दिया था। चौरीचौरा पुलिस ने मौके से दोनो का शव बरामद कर पोस्टमार्ट के लिए भेज दिया। ससुरालियों के खिलाफ दहेज हत्या का मुकदमा कायम कर मामले की जांच कर रही है। समझा जाता है कि बच्ची की हत्या साक्ष्य को मिटाने के लिए की गई ।




कुशीनगर जनपद के कसया थाना क्षेत्र के शिवपुर बुजुर्ग गांव निवासी भागवत जायसवाल की बेटी सिंधी (25) की शादी तीन साल पहले सोनबरसा बाजार नहर निवासी विनोद जायसवाल पुत्र रघुनाथ जायसवाल के साथ हुई थी। शादी के बाद से ही दहेज के लिए उसे प्रताड़ित किया जाता था। बीती रात 8 बजे मृतका के ससुराल वालों ने मायके वालों को यह बताया कि सिंधी की तबीयत खराब है। उसको मेडिकल कालेज ले जाया जा रहा है। मायके वाले जानकारी मिलते ही मेडिकल कालेज के लिए निकल पड़े, लेकिन वहां उन्हे कोई मिला नहीं। पूछताछ करने पर पता चला कि सिंधी ने रास्ते में ही दम तोड़ दिया था और उसे घर लया गया है। रात 12 बजे के करीब मायके बाले बेटी के घर पहुंचे सिंधी की लाश पड़ी थी। शव को देख कर ही मायके वाले यह कहने लगे कि सिंधी को जहर देकर मारा गया है।




इसे लेकर दोनों पक्षों में नोकझोंक हुई। इसके बाद मायके वालों ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में ले लिया। उसके सिर चोट के निशान साफ साफ दिख रहे थे। मंगलवार की सुबह से ही मायके वाले यह रट लगाये थे कि मृतका की ढ़ाई साल की बेटी अदिती और उसका डेढ़ माह के बेटे का कोई पता नहीं है। पुलिस की पूछताछ में ससुराल वालों ने दोनों बच्चों के सोने की बात बताते रहे। पुलिस के दबाव बनाने पर बेटे को दोपहर के समय लाये लेकिन बेटी अदिती के बारे में फिर इधर उधर की बातें करने लगे।

ऐसे में मायके वालों ने शक होने पर फिर पुलिस से छानबीन कराया तब पता चला कि अदिती की हत्या कर उसके शव को तीन रजाई से दबाया दिया था। पुलिस ने उसके भी शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मृतका के पति विनोद जायसवाल, ससुर रघुनाथ जायसवाल एवं सास श्रीमती इंदू देवी के खिलाफ धारा 304 बी, 504, 323 एवं 3/4 डीपी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मुकदमा दर्ज कराने के बाद मायके वाले सिंधी के डेढ़ माह के बच्चे को लेकर अपने घर चले गये। पुलिस मामले की जांच कर रही है।