योगी सरकार नहीं खरीद पाई स्वेटर, इंतजार में ठिठुरेंगे नौनिहाल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश सरकार का बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारी किस हद तक लापारवाह है यह किसी से छुपा नहीं है। गरीब और वंचित बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाले बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत आने वाले प्राइमरी स्कूलों की जो हालत है वह किसी से छुपी नहीं हैं। इन स्कूलों में जुलाई में शुरू होने वाले शैक्षिक सत्र के लिए पाठ्य पुस्तकें और बस्ते अक्टूबर या नवंबर तक भी आ जाए तो बड़ी बात है। बच्चों को सरकार ड्रेस भी देती है लेकिन न तो सरकार इसके लिए कोई समय सीमा तय कर पाई है और न ही विभाग के अधिकारियों ऐसा करने के लिए कोई योजना बनाई है। अब सर्दियां आ चुकी हैं, बच्चों को स्वेटर दिए जाने हैं, लेकिन अभी स्वेटरों की खरीद के लिए टें​डरिंग की योजना तक नहीं बन पाई है।

अगर गांव देहात की बात की जाए तो वहां सुबह के समय ठिठुरन होने लगी है। बच्चे भी अपने परिवार की सामर्थय के अनुसार कपड़े पहनकर स्कूल जा रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि योगी सरकार अपने वादे के मुताबिक जल्द ही उन्हें ड्रेस का स्वेटर उपलब्ध करवाएगी, लेकिन वर्तमान हालात बता रहे हैं कि इन नौनिहालों को स्वेटर मिलने में कम से कम 2 महीनों का समय लगेगा। यानी प्राइमरी स्कूल के बच्चों को स्वेटर ठंड से बचने के लिए नहीं नई साल के तोहफे के रूप में मिलेंगे।

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आपको बता दें कि बेसिक शिक्षा विभाग की ओर से इस वर्ष प्राथमिक व उच्च प्राथमिक विद्यालयों के करीब 1 करोड़ 52 लाख विद्यार्थियों को नि:शुल्क स्वेटर देने की भी घोषण की थी। शासन स्तर पर प्रस्ताव को वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति मिलने में हुए विलंब के कारण विभाग 26 अक्टूबर तक भी स्वेटर वितरण का टेंडर जारी नहीं कर सका। बताया जा रहा है कि विभाग इसी हफ्ते टेंडर जारी करेगा। जिसके बाद स्वेटर वितरण में करीब 2 महीनों का वक़्त लग जाएगा।

स्वेटर का रंग —

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बेसिक शिक्षा विभाग ने भूरे रंग का स्वेटर विद्यार्थियों के लिये पसंद किया है। सभी छात्र-छात्राओं को भूरे रंग का स्वेटर वितरित किया जाएगा। गुणवत्ता के लिए स्वेटर के मानक भी तय किए गए हैं।

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