दुर्गा मां के इन जापों से दूर होंगे आपके सारे कष्ट..

नई दिल्ली। इन दिनों देश में हर तरफ एक पवित्र वातावरण बना हुआ है। पूरा देश माँ दुर्गा की पूजा, अर्चना में लीन है। हर घर में लोग इस पावन अवसर पर माँ दुर्गा को प्रसन्न करना चाहते हैं। जिससे उनके परिवार पर माँ दुर्गा की असीम अनुकंपा बनी रहे। ऐसे में लोग नवरात्रि के नौं दिन तक घर में कलश स्थापना कर नौ देवियों का विधिवत पूजन अर्चन करते हैं।




ऐसे में यदि लोग नौ दिनों तक माता के स्वरूप के मुताबिक नौं रंगों के कपड़ों का प्रयोग करें तो उन्हें विशेष लाभ मिलता है। नवरात्रि के दिनों में कई भक्त वक़्त न मिल पाने के कारण मां दुर्गा का पाठ नहीं कर पाते। ऐसे में ज्योतिषियों के अनुसार यदि आपको मां की आराधना करने का समय नहीं मिल पा रहा है तो मां के 108 नामों का जाप जरूर करें। इससे आप पर माँ का आशीर्वाद सदैव बना रहता है। धर्मगुरुओं के अनुसार, सुबह और शाम इन नामों का उच्चारण करना चाहिए। लेकिन हर नाम का उच्चारण करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। माँ के इन नामों का जाप करने से माता रानी की कृपा आप पर हमेशा बनी रहेगी।

नौं दिनों के अनुसार विशेष कपड़े

पहले दिन: देवी माता का पहला स्वरूप ”शैलपुत्री” माना जाता है। इनके कपड़े का रंग लाल होता है इसलिए नवरात्र के प्रथम दिन लाल रंग के कपड़े पहनने चाहिए। दूसरे दिन: नवरात्र के दूसरे दिन मां ”ब्रहमचारिणी” की पूजा होती है। इस दिन नवरात्रि साधकों को रॉयल ब्लू रंग के कपड़ों का इस्तेमाल करना चाहिए। तीसरे दिन: नवरात्र के तीसरे दिन मां ”चन्द्रघंटा” की आराधना की जाती है। इसलिए इस दिन साधको को पीले रंग के कपड़ों का ज्यादा प्रयोग करना चाहिए। चौथे दिन: मां दुर्गा का चौथा स्वरूप ”कूष्माण्डा” देवी का माना गया है। आज के दिन कूष्माण्डा देवी स्तुति की जाती है। इसलिए चौथे दिन साधकों को हरे रंग के कपड़ों का प्रयोग करना चाहिए।

पांचवे दिन: नवरात्रि के पॉचवें दिन मां ”स्कन्दमाता” की उपासना की जाती है। आज के दिन जातकों को ग्रे रंग के कपड़े पहनना चाहिए। छठें दिन: माता दुर्गा के छठें स्वरूप का नाम ”कात्यानी” देवी है। इस दिन साधकों को ऑरेंज रंग के कपड़े पहनने चाहिए। सातवें दिन: नवरात्र के सातवें दिन मॉं ”कालरात्रि” की पूजा होती है। इस दिन साधकों को सफेद रंग के कपड़े का इस्तेमाल करने से विशेष लाभ मिलता है। आठवें दिन: आठवें दिन माँ दुर्गा देवी ”महागौरी” की पूजा होती है। महागौरी का स्वरूप गुलाबी रंग का होता है, इसलिए इस दिन साधकों को गुलाबी रंग के कपड़ों का अधिक प्रयोग करना चाहिए। नौवें दिन: नवरात्र के नौवें दिन आदि शक्ति के नौवें स्वरूप मां सिद्धदात्री की आराधना की जाती है। मां सिद्धदात्री का रंग पूर्ण गौर वर्ण है। इसलिए नौवें दिन साधकों को सफेद रंग के कपड़े पहनने से सकारात्मक ऊर्जा प्राप्त होती है।

मां के 108 नाम का जाप
सती, साध्वी, भवप्रीता, भवानी, भवमोचनी, आर्या, दुर्गा, जया, आद्या, त्रिनेत्रा, शूलधारिणी, पिनाकधारिणी, चित्रा, चंद्रघंटा, महातपा, बुद्धि, अहंकारा, चित्तरूपा, चिता, चिति, सर्वमंत्रमयी, सत्ता, सत्यानंदस्वरुपिणी, अनंता, भाविनी, भव्या, अभव्या, सदागति, शाम्भवी, देवमाता, चिंता, रत्नप्रिया, सर्वविद्या, दक्षकन्या, दक्षयज्ञविनाशिनी, अपर्णा, अनेकवर्णा, पाटला, पाटलावती, पट्टाम्बरपरिधाना, कलमंजरीरंजिनी, अमेयविक्रमा, क्रूरा, सुन्दरी, सुरसुन्दरी, वनदुर्गा, मातंगी, मतंगमुनिपूजिता, ब्राह्मी, माहेश्वरी, एंद्री, कौमारी, वैष्णवी, चामुंडा, वाराही, लक्ष्मी, पुरुषाकृति, विमला, उत्कर्षिनी, ज्ञाना, क्रिया, नित्या, बुद्धिदा, बहुला, बहुलप्रिया, सर्ववाहनवाहना, निशुंभशुंभहननी, महिषासुरमर्दिनी, मधुकैटभहंत्री, चंडमुंडविनाशिनी, सर्वसुरविनाशा, सर्वदानवघातिनी, सर्वशास्त्रमयी, सत्या, सर्वास्त्रधारिनी, अनेकशस्त्रहस्ता, अनेकास्त्रधारिनी, कुमारी, एककन्या, कैशोरी, युवती, यति, अप्रौढ़ा, प्रौढ़ा, वृद्धमाता, बलप्रदा, महोदरी, मुक्तकेशी, घोररूपा, महाबला, अग्निज्वाला, रौद्रमुखी, कालरात्रि, तपस्विनी, नारायणी, भद्रकाली, विष्णुमाया, जलोदरी, शिवदुती, कराली, अनंता, परमेश्वरी, कात्यायनी, सावित्री, प्रत्यक्षा, ब्रह्मावादिनी।