Dussehra 2019: कल है विजयदशमी, जानें पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और महत्व

Dussehra 2019: आज है विजयदशमी, जानें पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और महत्व
Dussehra 2019: आज है विजयदशमी, जानें पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और महत्व

लखनऊ। विजयदशमी का त्योहार अच्छाई की बुराई पर जीत के रूप में मनाया जाता है, मान्यता है कि इस दिन भगवान राम ने लंका की लड़ाई में राक्षस रावण का वध किया था। इसके अलावा इस दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार भी किया था यही वजह है कि इस दिन को विजयदशमी के रुप में मनाया जाता है। इस बार विजयदशमी का त्योहार 8 अक्टूबर को मनाया जाएगा। चलिए जानते हैं पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और इस दिन के खास महत्त्व के बारे में….

Dussehra 2019 Vijayadashami Puja Shubh Muhurat :

इस मुहूर्त में करे पूजा

विजयदशमी के दिन कोई भी अनुबंध हस्ताक्षर करना हो गृह प्रवेश करना हो नया व्यापार आरंभ उतरना हो या किसी भी तरह का लेनदेन का कार्य करना हो तो उसके लिए श्रेष्ठ फलदाई माना गया है इन तीनों मुहूर्तो में राहु काल का भी दोष नहीं होता इस दिन सर्वश्रेष्ठ अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 36 से 12 बजकर 24 तक के मध्य है। इस दिन का दूसरा मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 24 से 2 बजकर12 तक है इस अवधि के मध्य आरंभ किया जाने वाला कोई भी कार्य सफलता दायक रहेगा।

दशहरा का महत्व

  • दशहरे का त्योहार साल के सबसे पवित्र और शुभ दिनों में से एक माना जाता है।
  • क्षत्रिय समाज इस दिन अपने शस्त्रों की पूजा करते हैं जिसे आयुध पूजा के रूप में भी जानी जाती है। इस दिन शमी पूजन भी करते हैं।
  • ब्राह्मण समाज इस दिन देवी सरस्वती की पूजा करते हैं।
  • वैश्य समाज अपने बहीखाते की आराधना करते हैं।
  • नवरात्रि रामलीला का समापन भी दशहरे के दिन होता है।
  • रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ का पुतला जलाकर भगवान राम की जीत का जश्न मनाया जाता है।
लखनऊ। विजयदशमी का त्योहार अच्छाई की बुराई पर जीत के रूप में मनाया जाता है, मान्यता है कि इस दिन भगवान राम ने लंका की लड़ाई में राक्षस रावण का वध किया था। इसके अलावा इस दिन मां दुर्गा ने महिषासुर का संहार भी किया था यही वजह है कि इस दिन को विजयदशमी के रुप में मनाया जाता है। इस बार विजयदशमी का त्योहार 8 अक्टूबर को मनाया जाएगा। चलिए जानते हैं पूजा के लिए शुभ मुहूर्त और इस दिन के खास महत्त्व के बारे में.... इस मुहूर्त में करे पूजा विजयदशमी के दिन कोई भी अनुबंध हस्ताक्षर करना हो गृह प्रवेश करना हो नया व्यापार आरंभ उतरना हो या किसी भी तरह का लेनदेन का कार्य करना हो तो उसके लिए श्रेष्ठ फलदाई माना गया है इन तीनों मुहूर्तो में राहु काल का भी दोष नहीं होता इस दिन सर्वश्रेष्ठ अभिजीत मुहूर्त दोपहर 11 बजकर 36 से 12 बजकर 24 तक के मध्य है। इस दिन का दूसरा मुहूर्त दोपहर 1 बजकर 24 से 2 बजकर12 तक है इस अवधि के मध्य आरंभ किया जाने वाला कोई भी कार्य सफलता दायक रहेगा। दशहरा का महत्व
  • दशहरे का त्योहार साल के सबसे पवित्र और शुभ दिनों में से एक माना जाता है।
  • क्षत्रिय समाज इस दिन अपने शस्त्रों की पूजा करते हैं जिसे आयुध पूजा के रूप में भी जानी जाती है। इस दिन शमी पूजन भी करते हैं।
  • ब्राह्मण समाज इस दिन देवी सरस्वती की पूजा करते हैं।
  • वैश्य समाज अपने बहीखाते की आराधना करते हैं।
  • नवरात्रि रामलीला का समापन भी दशहरे के दिन होता है।
  • रावण, कुंभकर्ण और मेघनाथ का पुतला जलाकर भगवान राम की जीत का जश्न मनाया जाता है।