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आदर्श को-ऑपरेटिव स्कैम मामले में ED की बड़ी कार्रवाई, 1489 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त

By रवि तिवारी 
Updated Date

Ed Attaches 1489 Crore Under Money Laundering Act Adarsh Credit Cooperative Society

नई दिल्ली। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड मामले में बड़ी कार्रवाई की है  ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट के तहत आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी की कुल 1489 करोड़ रुपये की चल-अचल संपत्ति जब्त कर ली है। ईडी ने एक बयान में कहा कि इन संपत्तियों में 1464.76 करोड़ रूपये की जमीन और भवन तथा विभिन्न बैंक खातों में जमा 24.44 करोड़ रुपये की जमा राशि शामिल हैं।  
मोदी व टांक का है ग्रुप

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बैंक खातों में यह जमाराशि मुकेश मोदी, विरेंद्र मोदी और उसके परिवार के आदर्श समूह, महेंद्र टाक, सौरभ टाक के रिद्धि-सिद्धि समूह की है। इसमें अन्य आरोपियों की संपत्तियां भी शामिल हैं। प्रवर्तन निदेशालय को धनशोधन में शामिल ये संपत्तियां राजस्थान, हरियाणा, नयी दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश में मिलीं तथा उन्हें धनशोधन रोकथाम अधिनियम, 2002 के तहत अंतरिम रूप से कुर्क किया। एजेंसी ने एक प्राथमिकी के आधार पर जांच शुरू की थी।

भारी मात्रा में फंड डायवर्ट किया गया

निवेशकों का आरोप था कि आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड में समय पूरा होने के बाद भी पैसे वापस नहीं लौटाया गया। ईडी की जांच में सामने आया कि मुकेश के परिवार और रिश्तेदारों की कंपनियों में वेतन, प्रोत्साहन और कमीशन के माध्यम से भारी मात्रा में फंड को डायवर्ट किया गया। मुकेश और अन्य लोगों की वजह से आदर्श क्रेडिट कोऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड (ACCSL) को लगभग 4,000 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ।

दिसंबर 2018 में दर्ज हुआ था केस

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आदर्श समूह के खिलाफ दिसंबर 2018 में राजस्थान पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप ने एफआइआर दर्ज की थी। आइपीसी की विभिन्न धाराओं में मुकेश व राहुल मोदी व आदर्श समूह के अन्य लोगों के खिलाफ धोखाधड़ी, हेराफेरी, आपराधिक षड्यंत्र व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया था। कई निवेशकों ने सोसायटी के खिलाफ शिकायतें की थीं। इसी एफआइआर के आधार पर ईडी ने भी मामला हाथ में लिया।              

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