रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी फर्म के परिसरों पर छापे

नई दिल्ली: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने बीकानेर भूमि सौदा मामले में धन शोधन की जांच के संबंध में दो लोगों के परिसरों में छापा मारा। इनमें कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से जुड़ी एक फर्म के प्रतिनिधि का परिसर भी शामिल है। अफसरों ने बताया कि ईडी ने फरीदाबाद सेक्टर 17 और पड़ोसी बदरपुर में तिगांव थानाक्षेत्र में कम से कम तीन स्थानों पर छापा मारा।




एजेंसी ने कहा कि यह परिसर महेश नागर और अशोक कुमार के हैं। उनका कहना है कि फरीदाबाद सेक्टर 17 स्थित परिसर नागर और उनके भाई की संयुक्त संपत्ति है। नागर के भाई कांग्रेस से स्थानीय विधायक हैं। ऐसा कहा जा रहा है कि बीकानेर में वाड्रा से जुड़ी कंपनी मेसर्स स्काईलाइट हॉस्पिटालिटी प्राइवेट लिमिटेड द्वारा की गई भूमि खरीद के चार सौदों में अधिकार प्राप्त प्रतिनिधि नागर ही थे। एजेंसी का आरोप है कि कुमार ने उसी क्षेत्र में अन्य लोगों के पावर ऑफ अटॉर्नी का प्रयोग करते हुए उसी क्षेत्र में जमीन खरीदी है।

यह भी आरोप है कि कुमार, नागर के करीबी सहयोगी हैं। अधिकारियों ने कहा कि छापेमारी के दौरान इस मामले से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज और अन्य साक्ष्य जब्त किए गए हैं। धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के प्रावधानों के तहत ईडी ने हाल में सरकारी अधिकारियों और अन्य की 1.18 करोड़ रुपए मूल्य की संपत्तियों को जब्त किया था। यह मामला राजस्थान के बीकानेर जिले के कोलायत क्षेत्र की भूमि का है। यह जगह उन लोगों को आवंटित की जाने वाली थी जो सेना के महाजन फील्ड फायरिंग रेंज के कारण विस्थापित हुए थे।




ईडी ने राज्य पुलिस की प्राथमिकियों पर संज्ञान लेते हुए इस संबंध में साल 2015 में पीएमएलए के तहत आपराधिक मामला दर्ज किया था। एजेंसी ने इस संबंध में सोनिया गांधी के दामाद रॉबर्ट वाड्रा से संबंधित एक कंपनी को भी नोटिस जारी किया था। हालांकि पीएमएलए के तहत दर्ज प्राथमिकी में न तो वड्रा और न ही उनसे संबंधित कंपनी का नाम है। प्राथमिकी में राजस्थान के कुमार सरकारी अधिकारियों आौर ‘लैंड माफिया’ का नाम है। वाड्रा ने किसी भी तरह की गड़बड़ी से इंकार किया है और कांग्रेस ने इस कार्यवाही को ‘सीधे तौर पर राजनीतिक प्रतिशोध’ बताया है।