नई दिल्ली। पीएनबी को 11,400 करोड़ का चूना लगाने वाले हीरा कारोबारी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की धोखाधड़ी की रक़म का आंकड़ा बढ़ता नजर आ रहा है। प्रवर्तन निदेशालय ने पीएनबी से जारी एलओयू के आधार पर लोन देने वाली 16 बैंकों से लेनदेन की जानकारी मांगी है। जांच एजेंसियों को संदेह है कि इन बैंकों ने एलओयू के बदले नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कंपनियों को बड़े लोन दिए हैं।

Ed Starts Scanning Of 16 Other Banks Accounts Those Gives Loans To Nirav Modi And Mehul Choksi :

सूत्रों की माने तो कुछ बैंकों ने 12 फीसदी जमानत पर नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को बड़े लोन दिए थे। इन बैंकों ने गारंटी के रूप मे पीएनबी के एलओयू स्वीकार किए थे। जब बैंकों को उनकी रकम और ब्याज नहीं मिला तो उन्होंने लोन को रिसिड्यूल किया।

जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि अगर अन्य बैंकों में भी नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को लोन देने में ढ़िलाई बरती होगी तो इस घोटाले में दांव पर लगी रकम का आंकड़ा 20,000 करोड़ या फिर इससे भी ज्यादा निकल सकता है।

आपको बता दें कि नीरव मोदी और मेहुल चौकसी की कंपनियों को पीएनबी ने 11,356 करोड़ की कीमत के एलओयू जारी किए थे। यह रकम पीएनबी को उन बैंकों को चुकानी होगी, जिन्होंने इन एलओयू को जमानत के रूप में स्वीकार करते हुए नीरव मोदी और मेहुल चौकसी को लोन दिया था।यदि बैंकों ने एलओयू से ज्यादा मूल्य की रकम लोन के रूप में दी है, तो वह रकम बैंक की लेनदारी के रूप में देखी जाएगी।