सूने रहे बाजार, लखनऊ में 1000 करोड़ का कारोबार ठप

लखनऊ| 500 व 1000 के नोट के बंद होने से बुधवार को राजधानी का बाजार धड़ाम हो गया| यहां करीब 1000 करोड़ रुपये का कारोबार प्रभावित हुआ| सबसे अधिक दिक्कत शादी-ब्याह वाले घरों में हुई वे जरूरत का सामान नहीं खरीद सके| सिर्फ, डीजल-पेट्रोल की बंपर बिक्री हुई| ग्राहकों के नहीं आने के कारण चौक, पांडेयगंज, अहियागंज, गणेशगंज और लाटूश रोड जैसे बाजारों में सन्नाटा छाया रहा| शोरूम और दुकाने शाम होने से पहले ही बंद हो गईं|




पांडेयगंज थोक गल्ला व्यापारी राजेन्द्र ने बताया कि जिस मंडी में दूकान खुलने से पहले ही ग्राहक दस्तक दे देते थे वहां पर बुधवार को गिने चुने ग्राहक आए| 1000-500 के नोट बंद होने से दाल, चावल सहित चीनी, आटा, मैदा, तेल, रिफाइंड समेत किसी भी खाद्य रसद की बिक्री नही हुई| राजेन्द्र ने बताया कि इस बाजार से रोजाना करीब 20 करोड़ का अकेले दालों का कारोबार होता है, जो बुधवार को ठप रहा|

इसी तरह एक अन्य कारोबारी का दावा है कि चीनी, आटा, मैदा, तेल, रिफाइंड का 200 करोड़ का कारोबार नहीं हुआ| एक व्यापारी ने बताया कि बुधवार को हड़ताल जैसी स्थिति रही| व्यापारियों ने तो दुकानें खोली पर लोहा, पेंट्स, सेनेटरी, मशीनरी के खरीदार नही आए|

सब्जी मंडी में अफरा-तफरी:

राजधानी की कई सब्जी मंडियों में सुबह से ही अफरा-तफरी की स्थिति पैदा हो गई| आढ़ती व किसान सब्जी विक्रेताओं से 500 व 1000 के नोट लेने से इन्कार करने लगें| कई सब्जी विक्रेता मायूस होकर लौट आए| 60 लाख रुपये का सब्जी मंडी का कारोबार प्रभावित हुआ|

कम ही निकले फेरी वाले:

मंडी में सब्जी न मिलने से शहर में फेरीवाले काफी कम ही घूमे। इससे लोगों को सब्जी की दिक्कत हुई| ढकेल पर अन्य सामान बेचने वाले भी फुटकर पैसे की समस्या को लेकर परेशान रहे| किराना की दुकानों से दूध, ब्रेड, आटा, दाल, चावल खरीदने वालों को भी दिक्कत उठानी पड़ी|