मिस्र में मस्जिद पर आतंकी हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 235

मिस्र में मस्जिद पर आतंकी हमले में मृतकों की संख्या बढ़कर 235

नई दिल्ली। मिस्र के उत्तरी सिनाई में जुमे की नमाज के दौरान एक मस्जिद में हुए विस्फोट और गोलीबारी की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर 235 हो गई है, जबकि 125 लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। मिस्र की सरकार ने इस घटना के बाद तीन दिवसीय राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।

मिली जानकारी के मुताबिक यह आतंकी हमला उस समय हुआ जब जुमे की नमाज की नमाज चल रही थी। अचानक से मस्जिद के बाहर हुए धमाके से मौके पर भगदड़ मच गई और बाहर चार वाहनों में सवार बंदूकधारियों ने मस्जिद से बाहर निकलते लोगों को अपनी गोलियों का निशाना बनाना शुरू कर दिया। इससे पहले कि कोई कुछ समझ पाता मस्जिद के बाहर खून की नदियां बह चलीं थीं। वहीं हमलावर हमले को अंजाम देने के बाद फरार हो गए।

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घटना स्थल पर मौजूद लोगों के मुताबिक वो दस मिनट ऐसे थे जिन पर विश्वास नहीं किया जा सकता। जुमे की नमाज के लिए भारी संख्या में लोग मौजूद थे। नमाज के बीच में ही धमाका हुआ और उसके बाद कुछ मिनटों के लिए गोलियां चलने की आवाज ने बूरे इलाके को हिलाकर रख दिया। धमाके के बाद गोलियों की आवाज सुनने के बाद लोग छिप गए और हमलावर फरार हो गए।

जब लोगों को हमलावरों के जाने का अंदाजा हुआ तो लोगों ने मस्जिद के बाहर की सड़क के मंजर को देखने के बाद जिन्दा लोगों की मदद करना शुरू कर दिया। हमले की खबर मिलने के बाद सरकार की ओर से राहत कार्य शुरू किया गया। बताया जा रहा है कि मौके पर 50 एंबुलेंस भेजी गईं थी, जिन्होंने कई घंटों तक घायलों और मृतकों को अस्पतालों तक पहुंचाने का काम किया।

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आपको बता दें कि उत्तरी सिनाई मिस्र का अशांत इलाके के रूप में पहचाना जाता है। जनवरी 2011 में मिस्र के राष्ट्रपति हुस्नी मुबारक के खिलाफ हुई क्रान्ति के बाद उनकी सरकार का तख्तापलट कर दिया गया था। जिसके बाद मिस्र के राष्ट्रपति बने मोहम्मद मुरसी को 2013 में हटाए जाने के बाद से उत्तरी सिनाई में गृहयुद्ध जैसी स्थिति बनी हुई है। बताया जा रहा है कि उत्तरी सिनाई में मुरसी समर्थक लड़ाकों के गुट स​क्रीय हैं, जो 2013 के बाद से बड़े हमलों को अंजाम देते आ रहे हैं। पिछले चार सालों के भीतर ये लड़ाके सुरक्षाबलों के करीब 700 जवानों को मौत के घाट उतार चुके हैं। गत पांच महीनों में ये लड़ाके ईसाई धर्म के लोगों को बड़े स्तर पर अपना शिकार बना चुके हैं। जिनमें एक बार गिरजाघर पर भी हमले किया गया। अलग अलग हमलों में करीब 125 ईसाई धर्म के लोगों की हत्या की जा चुकी है।

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