उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की पांच सीटों ​के लिए होगा उपचुनाव

उत्तर प्रदेश में विधान परिषद की पांच सीटों ​के लिए होगा उपचुनाव

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में विधान परिषद में खाली सात सीटों में से पांच के उपचुनाव के लिए निर्वाचन आयोग ने कार्यक्रम जारी कर दिया है। इन सीटों के लिए नामांकन की प्रक्रिया 31 अगस्त से शुरू होगी। नामांकन की अंतिम तारीख 7 सितंबर होगी। जबकि मतदान 18 सितंबर को करवाया जाएगा।

इन सात में से छह सीटें समाजवादी पार्टी से विधान परिषद् सदस्य रहे बुक्कल नवाब, सरोजनी अग्रवाल, देवेन्द्र प्रताप सिंह, यशवंत सिंह, अंबिका चौधरी और बीएसपी से जयवीर सिंह के इस्तीफे के बाद खाली हुई हैं। जबकि एक सीट प्राधिकारी क्षेत्र बदायूं से निर्वाचित होकर आए बनवारी सिंह यादव की आसमयिक मृत्यु के बाद रिक्त हुई थी।

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निर्वाचन आयोग की ओर से जारी प्रेस विज्ञप्ति में दी गई जानकारी के मुताबिक यूपी की 4 रिक्त सीटों पर होने वाले उपचुनाव के साथ ठाकुर जयवीर सिंह के इस्तीफे के साथ खाली हुई एक अन्य सीट पर के लिए भी चुनाव करवाया जा रहा है।

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बीजेपी का बिगड़ता खेल बन गया —

यदि विधानसभा की चार सीटों ​के लिए उपचुनाव करवाए जाते तो यूपी सरकार के एक मंत्री को अपने पद से इस्तीफा देना पड़ सकता था। वर्तमान यूपी सरकार के मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, दोनों उप मुख्यमंत्री औद दो मंत्री विधानसभा के सदस्य नहीं है। इस लिहाज से चार सीटों पर होने वाला उपचुनाव एक मंत्री की कुर्सी के लिए खतरा बन सकता था।

आपको बता दें कि सीएम योगी आदित्यनाथ, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, उप मुख्यमंत्री दिनेश शर्मा, मंत्री स्वतंत्रदेव सिंह और मंत्री मोहसीन रजा वर्तमान में विधानसभा के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। वहीं बतौर मंत्री यह लोग अपने कार्यकाल के पांच महीने पूरे कर चुके है। नियमानुसार गैर निर्वाचित व्यक्ति को मंत्रिमंडल का सदस्य बनाए जाने के बाद छह माह के भीतर विधानसभा के किसी एक सदन की सदस्यता लेना आवश्यक होता है।

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