जनवरी-फरवरी में हो सकते हैं यूपी समेंत 5 राज्यों के विस चुनाव

नई दिल्ली। निर्वाचन आयोग 2017 में यूपी, पंजाब, उत्तराखंड, गोवा और मणिपुर में विधानसभा चुनावों की घोषणा जल्द कर सकता है। केन्द्र सरकार और निर्वाचन आयोग के बीच चुनावों के कार्यक्रम को लेकर चर्चा अंतिम दौर में चल रही है। सूत्रों की माने तो जल्द ही निर्वाचन आयोग चुनावों को लेकर अधिसूचना जारी कर सकता है।




मिली जानकारी के मुताबिक केन्द्र सरकार ने 2017 में फरवरी में पेश होने जा रहे आम बजट को लेकर चिन्ता जाहिर की थी। केन्द्र सरकार का कहना था कि अगर 2017 के आम बजट को चुनावों के दौरान पेश किया जाएगा तो अन्य राजनीतिक दलों को इस बात पर आपत्ति हो सकती है। जिस पर निर्वाचन आयोग ने अपना पक्ष रखते हुए स्पष्ट कर दिया कि चुनाव केवल 5 राज्यों में होने है, जबकि बजट पूरे देश का होगा ऐसे में निर्वाचन आयोग को नहीं लगता कि आम बजट का प्रभाव चुनावों पर पड़ सकता है।




सूत्रों की माने तो निर्वाचन आयोग की योजना के मुताबिक यूपी छोड़कर सभी राज्यों का चुनाव एक चरण में आयोजित करवाया जाएगा। यूपी का चुनाव 6 से 7 चरणों वाला होगा। आयोग का मत है कि चुनाव को मार्च में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं से पहले सम्पन्न करवा लिया जाए अन्यथा चुनाव अप्रैल और मई तक सम्पन्न हो पाएंगे। जिससे नई सरकारों का गठन में देरी होगी।

निर्वाचन आयोग के कमिश्नर नसीम जैदी का चुनावों को लेकर कहना है कि चुनाव कार्यक्रम घोषित करने में सबसे बड़ी चुनौती सुरक्षा बलों की उपलब्धता है, क्योंकि आयोग का पूरा ध्यान इस बात पर है कि चुनाव पूरी तरह से निष्पक्ष एवं भयमुक्त माहौल में सम्पन्न करवाए जाएं। सुरक्षा बलों की उपलब्धता के लिए आयोग केन्द्र व राज्य सरकारों से बातचीत कर रहा है। पूरे चुनाव के दौरान करीब 1 लाख जवानों की जरूरत होगी। जिसके लिए राज्यों की पुलिस के जवान और केन्द्रीय सुरक्षा बलों की मदद ली जानी है।




गौरतलब है कि यूपी विधानसभा का कार्यकाल 27 मई 2017, उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल 27 मार्च 2017 और पंजाब, गोवा और मणिपुर की विधान सभाओं का कार्यकाल 15 मार्च को पूरा हो रहा है। नियमानुसार विधानसभा का कार्यकाल पूरा होने से पहले राज्यों में चुनाव करवा कर नई सरकार का गठन करवाने की जिम्मेदारी निर्वाचन आयोग की होती है।

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