SC में कांग्रेस पर भड़का चुनाव आयोग, कहा- हमें इलेक्शन कराना न सिखाएं

SC में कांग्रेस पर भड़का चुनाव आयोग, कहा- हमें इलेक्शन कराना न सिखाएं
SC में कांग्रेस पर भड़का चुनाव आयोग, कहा- हमें इलेक्शन कराना न सिखाएं

नई दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग ने एक मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस पार्टी को अपने निशाने पर लिया है चुनाव आयोग ने कमलनाथ की याचिका का विरोध करते हुए कहा है कि कांग्रेस बार-बार सुप्रीम कोर्ट में जाकर आयोग की कार्यपद्धति में रुकावट न डाले।

Election Commission To Sc Congress And Its Leaders Can T Tell Us How To Conduct Polls :

चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में कहा कि कांग्रेस एक खास अंदाज में चुनाव कराने के दिशा-निर्देश जारी न करवाए आयोग ने आगे कहा है कि कांग्रेस को एक खास अंदाज में चुनाव कराने के दिशानिर्देश जारी न करवाए।

दरअसल, कांग्रेस की मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की इकाइयों के प्रमुखों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर कहा था किचुनाव आयोग को फर्जी वोटरों का नाम वोटर्स लिस्ट से हटाया जाना चाहिए। यह अपील कमलनाथ, सचिन पायलट और भूपेश बघेल ने की थी। इन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग इन राज्यों में निष्पक्ष चुनाव कराना सुनिश्चित करे। सुप्रीम कोर्ट की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस अपील को स्वीकार कर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया था।

इसमें आगे कहा गया कि आयोग अपनी भूमिका और कर्तव्यों को लेकर सतर्क है, साथ ही ईवीएम की खरीद और सुरक्षा सुनिश्चित करने, वीवीपीएटी की छपाई, मशीनों की मॉक टेस्टिंग, अधिकारियों की तैनाती आदि सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं।

हलफनामे में कहा गया है कि, याचिकाकर्ता का वीवीपैट मशीनों में खराबी का आरोप पूरी तरह से झूठा और भ्रामक हैं। गुजरात के किसी अन्य कांग्रेस नेता द्वारा दायर की गई इसी तरह की याचिका पर शीर्ष अदालत ने पहले भी विचार-विमर्श किया है। इसलिए, पार्टी और उसके सदस्यों द्वारा हर चुनाव से पहले एक ही मुद्दे को उठाने का कोई औचित्य नहीं है।

नई दिल्ली। भारतीय निर्वाचन आयोग ने एक मामले की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट में कांग्रेस पार्टी को अपने निशाने पर लिया है चुनाव आयोग ने कमलनाथ की याचिका का विरोध करते हुए कहा है कि कांग्रेस बार-बार सुप्रीम कोर्ट में जाकर आयोग की कार्यपद्धति में रुकावट न डाले। चुनाव आयोग ने अपने हलफनामे में कहा कि कांग्रेस एक खास अंदाज में चुनाव कराने के दिशा-निर्देश जारी न करवाए आयोग ने आगे कहा है कि कांग्रेस को एक खास अंदाज में चुनाव कराने के दिशानिर्देश जारी न करवाए। दरअसल, कांग्रेस की मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ की इकाइयों के प्रमुखों ने सुप्रीम कोर्ट में अपील कर कहा था किचुनाव आयोग को फर्जी वोटरों का नाम वोटर्स लिस्ट से हटाया जाना चाहिए। यह अपील कमलनाथ, सचिन पायलट और भूपेश बघेल ने की थी। इन्होंने कहा था कि चुनाव आयोग इन राज्यों में निष्पक्ष चुनाव कराना सुनिश्चित करे। सुप्रीम कोर्ट की बेंच इस मामले की सुनवाई कर रही है। सुप्रीम कोर्ट ने इस अपील को स्वीकार कर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया था। इसमें आगे कहा गया कि आयोग अपनी भूमिका और कर्तव्यों को लेकर सतर्क है, साथ ही ईवीएम की खरीद और सुरक्षा सुनिश्चित करने, वीवीपीएटी की छपाई, मशीनों की मॉक टेस्टिंग, अधिकारियों की तैनाती आदि सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। हलफनामे में कहा गया है कि, याचिकाकर्ता का वीवीपैट मशीनों में खराबी का आरोप पूरी तरह से झूठा और भ्रामक हैं। गुजरात के किसी अन्य कांग्रेस नेता द्वारा दायर की गई इसी तरह की याचिका पर शीर्ष अदालत ने पहले भी विचार-विमर्श किया है। इसलिए, पार्टी और उसके सदस्यों द्वारा हर चुनाव से पहले एक ही मुद्दे को उठाने का कोई औचित्य नहीं है।