इलेक्ट्रिक वाहनों को छूट देने के लिए मसौदा तैयार कर रही केन्द्र सरकार

नई दिल्ली। वायु प्रदूषण हमारी जिन्दगियों को जिस तरह से प्रभावित कर रहा है, उससे हम सभी पूरी तरह से बाकिफ हैं। वायु प्रदूषण की बहुत बड़ी वजह हमारे वाहन हैं जो बड़ी तादात में जहरीला धुंआ हमारे वातावरण में घोल रहे हैं। चूंकि वाहन हमारी रोजमर्रा की जिन्दगी का अहम हिस्सा हैं इसलिए हम इन्हें त्याग नहीं सकते, लेकिन स्वस्थ भविष्य के लिए हम अपनी इस जरूरत में थोड़ी सी तब्दीली कर सकते हैं। इस तब्दीली के लिए हमारी सरकारें भी हमें प्रोत्साहित करतीं नजर आ रहीं हैं।

सरकार ने इलेक्ट्रिक वाहनों के बिक्री और प्रयोग के लिए आम लोगों को प्रोत्साहित करने के लिए नया मसौदा तैयार करना शुरू कर दिया है। नीति आयोग की निगरानी में बन रहे इस मसौद में नए इलेक्ट्रिक वाहन खरीदने वालों को कई सुविधाएं देने और इलेक्ट्रिक वाहनों के प्रयोग को व्यवहारिक बनाने के लिए आधारभूत ढ़ांचे को खड़ा करने लिए अहम प्रावधान किए जाएंगे।

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इस मसौदे में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए ये खास प्रावधान होंगे—

  1.  इलेक्ट्रिक वाहनों के नंबर प्लेट हरे रंग की नंबर प्लेट जारी होंगे।
  2. देश के सबसे प्रदूषित शहरों में इलेक्ट्रिक वाहनों का रजिस्ट्रेशन जरूरी होगा।
  3.  पार्किंग स्थलों पर 10 फीसदी स्थल इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए रिजर्व होगा।
  4.  इलेक्ट्रिक वाहन तीन सालों के लिए टोल टैक्स और पार्किंग शुल्क से मुक्त होंगे।
  5. बहुमंजिला इमारतों की पार्किंग में इलेक्ट्रिक कार चार्जिंग प्वाइंट्स लगाने अनिवार्य होगा।
  6. इलेक्ट्रिक वाहनों के पार्किंग स्थल पर चार्जिंग प्वाइंट्स लगाए जाएंगे।
  7. प्रदूषित शहरों के प्रशासन की जिम्मेदारी होगी कि वह एक निश्चित संख्या में इलेक्ट्रिक
    वाहनों का रजिस्ट्रेशन को सुनिश्चित करवाएं।
  8. प्रदूषित शहर इलेक्ट्रिक वाहनों की चार्जिंग व्यवस्था के लिए मूलभूत ढ़ांचे को खड़ा करने के
    लिए अपने स्तर पर प्रयास करने होंगे, ताकि इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या को बढ़ाया जा
    सके।

इन प्रावधानों के अलावा सरकार कई अन्य प्रावधानों को भी इस मसौदे में शामिल करना चाहती है। जिससे आने वाले समय में इलेक्ट्रिक वाहनों के लिए आधार भूत ढ़ांचे को खड़ा किया जा सके और यातायात के लिए पैट्रोलियम ईधन वाले वाहनों पर निर्भरता को दूर किया जा सके।

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आपको बात दें कि केन्द्र सरकार 2020 तक भारतीय सड़कों पर 20 से 25 प्रतिशत इलेक्ट्रिक वाहनों की मौजूदगी चाहती है। इलेक्ट्रिक वाहनों के रिचार्जिंग स्टेशन को बनाने के लिए भी केन्द्रीय परिवहन मंत्री नितिन गड़करी इंफ्रास्ट्रक्चर को खड़ा करने का आश्वासन दे चुके हैं। सरकार का मानना है कि वायु प्रदूषण से निपटने और पैट्रोलियम पदार्थों की उपलब्धता के लिए दूसरे देशों पर अपनी निर्भरता को दूर करने की दिशा में इलेक्ट्रिक वाहन क्रांतिकारी साबित होंगे।

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