कर्ज से हुआ था जामिया में दाखिला, बेटे ने रचा इतिहास अब 70 लाख का मिलेगा पैकेज

aamir ali
कर्ज से हुआ था जामिया में दाखिला, बेटे ने रचा इतिहास अब 70 लाख का मिलेगा पैकेज

नई दिल्ली। किसी ने सच ही कहा है ‘जहां चाह वहां राह’ वहीं मेरठ के रहने वाले मोहम्मद आमिर अली (22) ने इस कहावत को सच कर दिखाया। जहां एक तरफ घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से उन्हे अपनी एक साल की पढ़ाई छोड़नी पड़ी वहीं उनकी मेहनत और उनके हुनर को देखते हुए अमेरिका की एक कंपनी ने उन्हें अपने यहां 70 लाख रुपये का सालाना पैकेज दिया है।

Electrician Son Gets 70 Lakh Rupees Package In America :

पैसों की तंगी के चलते छोड़ना पड़ा था 1 साल की पढ़ाई

आमिर की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी जिसकी वजह से जेईई मेन परीक्षा देने के बाद एनएसआइटी में बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर में वह दाखिला नहीं ले सके थे। घर की हालत की वजह से आमिर ने एक साल पढ़ाई छोड़ दी थी। अगले साल 2015 में जामिया विश्वविद्यालय में बीटेक एवं इंजीनियरिंग डिप्लोमा की प्रवेश परीक्षा दी। जामिया से 2015 से 2018 तक उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। अब आमिर को अमेरिका की फ्रिजन मोटर व‌र्क्स ने बैट्री मैनेजमेंट सिस्टम इंजीनियर का पद दिया है।

पढ़ाई के लिए पिता ने लिया कर्ज

मूल रूप से आमिर उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले हैं और दिल्ली के जामिया नगर में रहते हैं। आमिर के पिता शमशाद अली जामिया में इलेक्ट्रीशियन हैं। उन्होंने कर्जा लेकर 40 से 50 हजार रुपये तक की एक मारुति 800 कार खरीदकर आमिर को दी। आमिर ने अपनी मेहनत से इसे इलेक्ट्रिक चार्जिंग कार में तब्दील कर दिया। इसे पिछले साल 29 अक्टूबर को जामिया के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में प्रदर्शित किया गया। इसके बाद यह जानकारी जामिया की वेबसाइट में भी दी गई। आमिर का काम देश-विदेश की कई कंपनियों की नजर में आया। जामिया के पॉलिटेक्निक के प्रोफेसर वकार आलम और सीआइई के सहायक निदेशक डॉ. प्रभाष मिश्र के नेतृत्व में आमिर ने प्रोजेक्ट पूरा किया।

नई दिल्ली। किसी ने सच ही कहा है ‘जहां चाह वहां राह’ वहीं मेरठ के रहने वाले मोहम्मद आमिर अली (22) ने इस कहावत को सच कर दिखाया। जहां एक तरफ घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की वजह से उन्हे अपनी एक साल की पढ़ाई छोड़नी पड़ी वहीं उनकी मेहनत और उनके हुनर को देखते हुए अमेरिका की एक कंपनी ने उन्हें अपने यहां 70 लाख रुपये का सालाना पैकेज दिया है।पैसों की तंगी के चलते छोड़ना पड़ा था 1 साल की पढ़ाईआमिर की आर्थिक स्थिति काफी कमजोर थी जिसकी वजह से जेईई मेन परीक्षा देने के बाद एनएसआइटी में बैचलर ऑफ आर्किटेक्चर में वह दाखिला नहीं ले सके थे। घर की हालत की वजह से आमिर ने एक साल पढ़ाई छोड़ दी थी। अगले साल 2015 में जामिया विश्वविद्यालय में बीटेक एवं इंजीनियरिंग डिप्लोमा की प्रवेश परीक्षा दी। जामिया से 2015 से 2018 तक उन्होंने मैकेनिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा किया। अब आमिर को अमेरिका की फ्रिजन मोटर व‌र्क्स ने बैट्री मैनेजमेंट सिस्टम इंजीनियर का पद दिया है।पढ़ाई के लिए पिता ने लिया कर्जमूल रूप से आमिर उत्तर प्रदेश के मेरठ के रहने वाले हैं और दिल्ली के जामिया नगर में रहते हैं। आमिर के पिता शमशाद अली जामिया में इलेक्ट्रीशियन हैं। उन्होंने कर्जा लेकर 40 से 50 हजार रुपये तक की एक मारुति 800 कार खरीदकर आमिर को दी। आमिर ने अपनी मेहनत से इसे इलेक्ट्रिक चार्जिंग कार में तब्दील कर दिया। इसे पिछले साल 29 अक्टूबर को जामिया के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित समारोह में प्रदर्शित किया गया। इसके बाद यह जानकारी जामिया की वेबसाइट में भी दी गई। आमिर का काम देश-विदेश की कई कंपनियों की नजर में आया। जामिया के पॉलिटेक्निक के प्रोफेसर वकार आलम और सीआइई के सहायक निदेशक डॉ. प्रभाष मिश्र के नेतृत्व में आमिर ने प्रोजेक्ट पूरा किया।