14 करोड़ के तटबंध की मरम्मत पर खर्च हुए 100 करोड़, फिर भी बाढ़ की जद में सवा सौ गांव

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14 करोड़ के तटबंध की मरम्मत पर खर्च हुए 100 करोड़, फिर भी बाढ़ की जद में सवा सौ गांव

लखनऊ। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखीमपुर और गोंडा जिले क बाढ़ग्रस्त इलाकों के दौरे पर हैं। लगातार बारिश के चलते गोंडा जिले के नकहरा गांव के पास एल्गिन चरसड़ी तटबंध देर रात करीब 80 मीटर बह जाने से तराई में हड़कंप मच गया है। नैपुरा, परसावल, रायपुर मांझा समेत करीब आधा दर्जन गांवों में पानी भर जाने से यहां की 25 हजार की आबादी पलायन को मजबूर हो गई है। सीएम योगी के कार्यक्रम के मुताबिक, आज दोपहर पाल्हापुर चचरी में पहुंचने के बाद वो एल्गिन चरसड़ी तटबंध का निरीक्षण भी करेंगे।

Elgin Bridge Gonda Barabanki :

बताते चलें कि गोंडा जिले के एल्गिन चरसड़ी तटबंध का निर्माण सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान साल 2006-07 में 14 करोड़ की लागत से हुआ था। अभी तक इस बांध की मरम्मत में 100 करोड़ की रकम खर्च हो चुकी है, लेकिन इसका स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकाल पाया है। जिसके चलते गोंडा और बाराबंकी के करीब सवा सौ गांवों और साढ़े छह सौ मजरों के लिए स्थायी संकट हो गया हैं।

योगी सरकार ने बजट में स्थायी समाधान के लिए करीब एक अरब रुपये की व्यवस्था भी की लेकिन जुलाई में पूरा होने वाला काम अभी तक सिरे नहीं चढ़ा। हर साल कटान से तटबंध क्षतिग्रस्त होने और मरम्मत के नाम पर कुछ लोग मालामाल जरूर हो गए, लेकिन ग्रामीणों को बाढ़ की तबाही से मुक्ति नहीं मिली।

एल्गिन चरसड़ी तटबंध की मरम्मत में हुआ खर्च-

  • 2009 में 8 करोड़ 58 लाख
  • 2010 में 9 करोड़ 23 लाख
  • 2011 में 12 करोड़ 68 लाख
  • 2012 में 9 करोड़ 46 लाख
  • 2013 में 9 करोड़ 92 लाख
  • 2014 में 11 करोड़ 40 लाख
  • 2015 में 10 करोड़ 84 लाख
  • 2016 में 5 करोड़ 83 लाख
लखनऊ। सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आज लखीमपुर और गोंडा जिले क बाढ़ग्रस्त इलाकों के दौरे पर हैं। लगातार बारिश के चलते गोंडा जिले के नकहरा गांव के पास एल्गिन चरसड़ी तटबंध देर रात करीब 80 मीटर बह जाने से तराई में हड़कंप मच गया है। नैपुरा, परसावल, रायपुर मांझा समेत करीब आधा दर्जन गांवों में पानी भर जाने से यहां की 25 हजार की आबादी पलायन को मजबूर हो गई है। सीएम योगी के कार्यक्रम के मुताबिक, आज दोपहर पाल्हापुर चचरी में पहुंचने के बाद वो एल्गिन चरसड़ी तटबंध का निरीक्षण भी करेंगे।बताते चलें कि गोंडा जिले के एल्गिन चरसड़ी तटबंध का निर्माण सपा संरक्षक मुलायम सिंह यादव की सरकार के दौरान साल 2006-07 में 14 करोड़ की लागत से हुआ था। अभी तक इस बांध की मरम्मत में 100 करोड़ की रकम खर्च हो चुकी है, लेकिन इसका स्थायी समाधान अभी तक नहीं निकाल पाया है। जिसके चलते गोंडा और बाराबंकी के करीब सवा सौ गांवों और साढ़े छह सौ मजरों के लिए स्थायी संकट हो गया हैं।योगी सरकार ने बजट में स्थायी समाधान के लिए करीब एक अरब रुपये की व्यवस्था भी की लेकिन जुलाई में पूरा होने वाला काम अभी तक सिरे नहीं चढ़ा। हर साल कटान से तटबंध क्षतिग्रस्त होने और मरम्मत के नाम पर कुछ लोग मालामाल जरूर हो गए, लेकिन ग्रामीणों को बाढ़ की तबाही से मुक्ति नहीं मिली।

एल्गिन चरसड़ी तटबंध की मरम्मत में हुआ खर्च-

  • 2009 में 8 करोड़ 58 लाख
  • 2010 में 9 करोड़ 23 लाख
  • 2011 में 12 करोड़ 68 लाख
  • 2012 में 9 करोड़ 46 लाख
  • 2013 में 9 करोड़ 92 लाख
  • 2014 में 11 करोड़ 40 लाख
  • 2015 में 10 करोड़ 84 लाख
  • 2016 में 5 करोड़ 83 लाख