शर्मनाक: भारत में यहां की महिलाओं को पिलाया जाता है जूतों से पानी

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Embarrassing In India Women Here Are Being Fed Water From Shoes

हम भले ही चांद पर आशियां बसाने की तैयारी में जुटे हो, दुनिया मुट्ठी में कर लेने की बात कर रहें हो, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का दावा कर रहें हो लेकिन जमीनी हकीकत इतनी भयावह है जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। हां, ये बात और है कि हर जगह ऐसी स्थिति नहीं है लेकिन हम जिस जगह का जिक्र करने जा रहें वहां की कहानी सुन शायद आपके भी पैरो तले जमी खिसक जाए।

वैसे तो हम हर रोज़ मौलिक अधिकारों की बात करते फिरते है, नैतिकता का पाठ हर दूसरे चौराहे पर सुन लेते है, शायद हम ब्राड माइंडेड हो गए है लेकिन भारत में एक जगह ऐसी है जहां अंधविश्वास के नाम पर आज भी औरतों को अपने पति के जूतों से पानी पिलाया जाता है। मजबूरन वहां की महिलाओं को यह करना पड़ता है। चौकिए नहीं, यह सच है वहां की महिलाएं पानी पीने के लिए गिलास का प्रयोग नहीं बल्कि अपने पतियों के जूतों(shoes) का प्रयोग करती हैं।

आपको बता दें कि यह कहानी रजवाड़ों के राज्य राजस्थान के भीलवाड़ा इलाके की है। भीलवाड़ा में बंकाया माता मंदिर नाम का एक बहुत ही मशहूर मंदिर है जहाँ महिलाओं के साथ वहां के पुजारी भूत-प्रेत को भगाने के नाम पर महिलाओं के साथ क्रूरता की हद पार देते हैं। यहाँ इस मंदिर में महिलाओं के साथ हो रहे अत्याचार को अगर आप देखेंगे तो आपके रोंगटे खड़े हो जाएंगे।

इतना ही नहीं यहाँ के तांत्रिक पुजारी भूत प्रेत को भगाने के नाम पर महिलाओं के साथ शर्मनाक हरकत करते हैं और साथ ही उन्हें मारते-पीटते भी हैं। आपको बता दें कि ये पुजारी महिलाओं के साथ क्या कुछ नहीं करते असल में ये लोंग महिलाओं के सर पर मर्दों के गंदे जूते(shoes) रखकर कई किलोमीटर तक चलवाते हैं। महिलाएं ऐसा करने में हिचकिचाती हैं लेकिन वो भी भाग्य की मारी क्या करें घर वालों के दबाव में उन्हें ऐसा करना पड़ता है।

जिस वक्त ये महिलाएं जूते(shoes) को अपने मुंह में दबाकर गावों की गलियों से गुज़रती हैं और उस वक्त गाँव के बच्चे उन्हें देखकर हंसते हैं। इस जगह से कुछ बातें ऐसी भी सामने आई हैं कि कुछ मर्द तो ऐसे भी हैं जो केवल महिलाओं को उनकी असली जगह याद दिलाने के मकसद से ही यहाँ ले आते हैं और उनसे भी ऐसा घृणित काम करवाते हैं ताकि वे उनसे बदला ले सकें कि वो अपनी आवाज़ ना उठा सकें।

हम भले ही चांद पर आशियां बसाने की तैयारी में जुटे हो, दुनिया मुट्ठी में कर लेने की बात कर रहें हो, सामाजिक कुरीतियों को दूर करने का दावा कर रहें हो लेकिन जमीनी हकीकत इतनी भयावह है जिसकी आप कल्पना भी नहीं कर सकते। हां, ये बात और है कि हर जगह ऐसी स्थिति नहीं है लेकिन हम जिस जगह का जिक्र करने जा रहें वहां की कहानी सुन शायद आपके भी पैरो तले जमी खिसक जाए। वैसे तो…