चीन से सटी सीमा वाले राज्यों में बुनियादी ढांचे पर जोर

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नई दिल्ली । चीन से सटी सीमाओं वाले राज्य में आधारभूत ढांचे की मजबूती को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है। सरकार ने उन राज्यों को प्रोत्साहित करने का फैसला किया है जो चीन से सटे सीमावर्ती इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से बेहतर काम करेंगे। इन्हें विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार ने सीमावर्ती राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर बनाने के लिए खास रणनीति बनाई है। यहां होने वाले कामकाज का फीडबैक सरकार सुरक्षा बलों से लेगी।

Emphasis On Infrastructure In States Bordering China :

सूत्रों ने कहा, सीमावर्ती राज्यों में केंद्र प्रायोजित योजनाओं का दस फीसदी हिस्सा खर्च किया जाएगा। ये राशि इंसेंटिव के तौर पर रिजर्व रखी जाएगी। लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम जैसे राज्यों को योजना का लाभ मिलेगा। राज्यों को सहायता के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई वहां मौजूद आबादी और काम का आकलन किया जाएगा।

सूत्रों ने कहा, सरकार सीमा से सटे विभिन्न सुदूरवर्ती इलाकों में विकास के काम को लेकर संजीदा है। इन इलाकों में ग्रामीणों का पलायन रोकने के लिए भी सरकार ने राज्यों को रणनीति पर काम करने को कहा है। सरकार का मानना है कि सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले लोग देश के लिए संपत्ति हैं। ये सीमा की रखवाली में परोक्ष योगदान भी करते हैं। ह्यूमन इंटेलिजेंस के तौर पर इनकी अहम भूमिका है। इसलिए सरकार सीमावर्ती आबादी को ध्यान में रखकर बुनियादी सुविधाओं के विकास पर जोर दे रही है।

सूत्रों ने कहा, सरकार सीमावर्ती इलाकों में सभी तरह की बुनियादी सुविधाओं का विकास तेज करना चाहती है।” रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण इलाकों में ढांचा बेहतर करने के अलावा नागरिक इलाको में भी सुविधाओं के विकास की समन्वित रणनीति बनाई गई है। सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के लिए इस साल 784 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, लेकिन सूत्रों ने कहा जरूरत के हिसाब से राशि का अतिरिक्त आवंटन रणनीतिक प्राथमिकताओं के मद्देनजर किया जा सकता है।

नई दिल्ली । चीन से सटी सीमाओं वाले राज्य में आधारभूत ढांचे की मजबूती को लेकर केंद्र सरकार गंभीर है। सरकार ने उन राज्यों को प्रोत्साहित करने का फैसला किया है जो चीन से सटे सीमावर्ती इलाकों में इंफ्रास्ट्रक्चर के लिहाज से बेहतर काम करेंगे। इन्हें विशेष प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। सरकार ने सीमावर्ती राज्यों में इंफ्रास्ट्रक्चर बेहतर बनाने के लिए खास रणनीति बनाई है। यहां होने वाले कामकाज का फीडबैक सरकार सुरक्षा बलों से लेगी। सूत्रों ने कहा, सीमावर्ती राज्यों में केंद्र प्रायोजित योजनाओं का दस फीसदी हिस्सा खर्च किया जाएगा। ये राशि इंसेंटिव के तौर पर रिजर्व रखी जाएगी। लद्दाख, अरुणाचल प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम जैसे राज्यों को योजना का लाभ मिलेगा। राज्यों को सहायता के दौरान अंतरराष्ट्रीय सीमा की लंबाई वहां मौजूद आबादी और काम का आकलन किया जाएगा। सूत्रों ने कहा, सरकार सीमा से सटे विभिन्न सुदूरवर्ती इलाकों में विकास के काम को लेकर संजीदा है। इन इलाकों में ग्रामीणों का पलायन रोकने के लिए भी सरकार ने राज्यों को रणनीति पर काम करने को कहा है। सरकार का मानना है कि सीमा से सटे इलाकों में रहने वाले लोग देश के लिए संपत्ति हैं। ये सीमा की रखवाली में परोक्ष योगदान भी करते हैं। ह्यूमन इंटेलिजेंस के तौर पर इनकी अहम भूमिका है। इसलिए सरकार सीमावर्ती आबादी को ध्यान में रखकर बुनियादी सुविधाओं के विकास पर जोर दे रही है। सूत्रों ने कहा, सरकार सीमावर्ती इलाकों में सभी तरह की बुनियादी सुविधाओं का विकास तेज करना चाहती है।" रणनीतिक लिहाज से महत्वपूर्ण इलाकों में ढांचा बेहतर करने के अलावा नागरिक इलाको में भी सुविधाओं के विकास की समन्वित रणनीति बनाई गई है। सीमावर्ती क्षेत्र विकास कार्यक्रम (बीएडीपी) के लिए इस साल 784 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं, लेकिन सूत्रों ने कहा जरूरत के हिसाब से राशि का अतिरिक्त आवंटन रणनीतिक प्राथमिकताओं के मद्देनजर किया जा सकता है।