आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर जोर : अजित डोभाल ने कहा-अब आतंकियों की विचारधारा को करना है खत्म

ajit doval
आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर जोर : अजित डोभाल ने कहा-अब आतंकियों की विचारधारा को करना है खत्म

नई दिल्ली। आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर जोर दिया है। नई दिल्ली में आयोजित एनआईए से जुड़े एक कार्यक्रम में डोभाल ने कहा कि, हम आतंकियों को खत्म करने में सफल हो रहे हैं। अब अगला निशना आतंकियों की विचारधारा को खत्म करना है।

Emphasis On The Fight Against Terrorism Ajit Doval Said Now The Ideology Of Terrorists Has To Be Finished :

अजित डोभाल ने कहा कि, आतंकवाद पर कई बार बातें हुईं। हर कोई तीन दशक से आतंकवाद से लड़ रहा है। उन्होंने कहा कहा कि, आतंकवाद से लड़ना हर किसी की सोच में नहीं है लेकिन आप आतंकवाद से सीधा नहीं लड़ सकते हैं क्योंकि आप सिर्फ आतंकियों को मारकर, हथियारों को खत्म कर, फंडिंग को रोकने पर ध्यान लगा रहे हैं और इसे ही लड़ाई का हिस्सा मान रहे हैं।

डोभाल ने कहा कि, जब आतंकवाद का डर बढ़ता है तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसके खिलाफ लड़ाई को लड़े। उन्होंने कहा कि, आतंकियों से लड़ने से पहले कई बातों को ध्यान में रखना चाहिए। जिसमें सबसे पहले यह जानना जरूरी होता है कि आतंकी कौन है, उन्हें पैसे कहां से मिल रहे हैं, उनकी मदद कौन कर रहा है? इसकी जानकारी होने के बाद आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करनी चाहिए।

आतंकियों को कमजोर करने के लिए सबसे पहले उन तक पहुंचने वाले रुपयों को रोकना चाहिए। इसके बाद हथियारों को। डोभाल ने कहा कि, इसके साथ ही हमें कानून के मुताबिक काम करना चाहिए। आतंक के खिलाफ भूत और वर्तमान की लड़ाई हो रही है, लेकिन उसके भविष्य को खत्म करना जरूरी हैं।

उसकी विचारधारा पर चोट करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि, आर्मी, एनआईए, आईबी, RAW की अलग-अलग जिम्मेदारी हैं, लेकिन आतंक से पहला सामना राज्य की एजेंसियों का होता है। डोभाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुएकहा कि एनआईए ने कश्मीर में आतंकवाद की कमर तोड़ी है।

नई दिल्ली। आतंकवाद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने वाले राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजित डोभाल ने एक बार फिर आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई पर जोर दिया है। नई दिल्ली में आयोजित एनआईए से जुड़े एक कार्यक्रम में डोभाल ने कहा कि, हम आतंकियों को खत्म करने में सफल हो रहे हैं। अब अगला निशना आतंकियों की विचारधारा को खत्म करना है। अजित डोभाल ने कहा कि, आतंकवाद पर कई बार बातें हुईं। हर कोई तीन दशक से आतंकवाद से लड़ रहा है। उन्होंने कहा कहा कि, आतंकवाद से लड़ना हर किसी की सोच में नहीं है लेकिन आप आतंकवाद से सीधा नहीं लड़ सकते हैं क्योंकि आप सिर्फ आतंकियों को मारकर, हथियारों को खत्म कर, फंडिंग को रोकने पर ध्यान लगा रहे हैं और इसे ही लड़ाई का हिस्सा मान रहे हैं। डोभाल ने कहा कि, जब आतंकवाद का डर बढ़ता है तो सरकार की जिम्मेदारी बनती है कि वह इसके खिलाफ लड़ाई को लड़े। उन्होंने कहा कि, आतंकियों से लड़ने से पहले कई बातों को ध्यान में रखना चाहिए। जिसमें सबसे पहले यह जानना जरूरी होता है कि आतंकी कौन है, उन्हें पैसे कहां से मिल रहे हैं, उनकी मदद कौन कर रहा है? इसकी जानकारी होने के बाद आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू करनी चाहिए। आतंकियों को कमजोर करने के लिए सबसे पहले उन तक पहुंचने वाले रुपयों को रोकना चाहिए। इसके बाद हथियारों को। डोभाल ने कहा कि, इसके साथ ही हमें कानून के मुताबिक काम करना चाहिए। आतंक के खिलाफ भूत और वर्तमान की लड़ाई हो रही है, लेकिन उसके भविष्य को खत्म करना जरूरी हैं। उसकी विचारधारा पर चोट करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि, आर्मी, एनआईए, आईबी, RAW की अलग-अलग जिम्मेदारी हैं, लेकिन आतंक से पहला सामना राज्य की एजेंसियों का होता है। डोभाल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुएकहा कि एनआईए ने कश्मीर में आतंकवाद की कमर तोड़ी है।