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इंसेफेलाइटिस का दो साल में उन्‍मूलन करना है, कोरोना को भी हराएंगेः सीएम योगी

Encephalitis Has To Be Eradicated In Two Years Will Also Beat Corona Cm Yogi

By ravijaiswal 
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मुख्‍यमंत्री योगी आदित्‍यनाथ ने वैश्विक महामारी कोरोना के साथ मिलकर लड़ने की बात कही. उन्‍होंने कहा कि हमने चार दशक से पूर्वी यूपी के लिए अभिशाप बने दिमागी बुखार (जापानी इंसेफेलाइटिस/एईएस) पर काफी हद तक काबू पा लिया है. उन्‍होंने कहा कि दो साल के अंदर इंसे‍फेलाटिस का हमें मिलकर उन्‍मूलन करना है. उन्‍होंने कहा कि दुनिया की अपेक्षा भारत ने कोरोना महामारी से काफी बेहतर ढंग से लड़ाई लड़ी है. आंकड़े बताते हैं कि यहां पर मृत्‍यु दर भी काफी कम है. यूपी में भी हमने इसे लॉकडाउन करके काबू में किया है. हम कोरोना को भी मिलकर हराएंगे.

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योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वैश्विक महामारी कोरोना से भारत ने जिस तरह से लड़ाई लड़ी है. उसका परिणाम है कि 135 करोड़ की आबादी के बावजूद हम स्‍वस्‍थ स्थिति में हैं. भारत में कुल पॉजिटिव केस 28 लाख से ऊपर हैं. 21 लाख से अधिक स्‍वस्‍थ होकर जा चुके हैं. 7 लाख एक्टिव केस हैं. 55,000 मौत हैं. उन्‍होंने कहा कि हम दुनिया के अन्‍य देशों की अपेक्षा काफी बेहतर स्थिति में हैं. उन्‍होंने कहा कि जब तक वैक्‍सीन उपलब्ध नहीं हो जाती है, तब तक हमें जागरूकता के साथ लड़ाई लड़नी होगी. तभी कोरोना से हम जीत पाएंगे.
प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के नेतृत्‍व की सरकार में हुए लॉकडाउन के परिणाम स्‍वरूप भारत मजबूती के साथ लड़ाई लड़ रहा है. यूपी में भी मजबूती के साथ सरकार मजबूती के साथ लड़ रहा है. सबसे अधिक टेस्‍ट यूपी करा रहा है. प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी के सहयोग के कारण जापानी इंसेफेलाइटिस की वैक्सीन बनी. एक्यूट इंसेफेलाइटिस सिंड्रोम की वैक्सीन नहीं बनी. लेकिन जागरूकता से स्थिति बदली

राष्ट्रीय स्तर पर स्‍वच्‍छ भारत अभियान और स्वच्छ भारत मिशन योजना में 2 करोड़ शौचालय बने. 40 साल से ये बेल्ट दिमागी बुखार से जूझता रहा है. इंसेफेलाइटिस की लड़ाई देश की लड़ाई है. स्‍वच्‍छ भारत मिशन के द्वारा परिणाम सामने आया. 2016 से 2020 के आंकड़ों को देख लें, तो जेई-एईएस से मृत्‍यु दर में काफी कमी आई है. दो साल के भीतर इसका उन्‍मूलन करना है. कोविड से भी लड़ाई हम मिलकर जीतेंगे

कोरोना से दुनिया की अपेक्षा भारत में मृत्यु दर जागरूकता कार्यक्रम से भारत सुरक्षित स्थिति में है. यूपी में भी इसी कार्यक्रम को लागू कर उसी स्थिति में हैं. मृत्यु दर काफी कम है. मीडिया के सामने भी ये बात आनी चाहिए. 2017 में स्वास्थ्य विभाग के नेतृत्व में अंतर विभागीय समन्‍वय से इंसेफेलाइटिस के उन्‍मूलन की लड़ाई को प्रारंभ किया. एईएस में 2016 से 2020 के आंकड़े देखिए तो काफी कमी आई है. जापानी इंसेफेलाइटिस में भी इसी तरह कमी आई है

इंसेफेलाइटिस पर सफलता प्राप्त करने में सफलता प्राप्त हुई है. निचले स्तर पर काम करके मौत के आंकड़े 4 साल में 90 से 95 प्रतिशत कमी आई है. संचारी रोगों को भी नियंत्रित किया गया है. स्वच्छता और सैनेटाइजेशन को प्रमुखता से लागू किया गया. जो मासूम तड़पकर काल के गाल में समा जाते थे सभी को मिलकर एक और दो साल में सफलतम कहानी के रूप में दुनिया के सामने रख सकते हैं. कोविड-19 को लेकर भी हम ध्यान देंगे तो इसमें भी हम लड़कर सफल होंगे. मीडिया ने इंसेफेलाइटिस के मुद्दे को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाया.

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